जल जीवन मिशन की खुली पोल, दो साल से 100 से अधिक परिवारों के घरों में नहीं पहुंचा पानी
राठ, हमीरपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन राठ विकासखंड के गल्हिया गांव में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां 100 से अधिक परिवार पिछले दो साल से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। घरों में नल कनेक्शन तो लगा दिए गए, लेकिन आज तक उनमें पानी नहीं पहुंचा। ऐसे में ग्रामीण गंदा और खारा पानी पीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब दो साल पहले गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई कराई गई थी और घरों में नल कनेक्शन भी लगाए गए थे। लेकिन पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। कई घरों में नलों की टोटियां तक गायब हैं और नल केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।
गांव की गीता, रंजना, बबली, भगवती, भगीरथ, सुरेश, रमाशंकर, पूरन, किशोर सिंह, कैलाश, महेश और दिनेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव से करीब 500 मीटर दूर लगे एक सबमर्सिबल पंप से पाइप के जरिए कुछ घरों तक पानी पहुंचता है, जबकि अधिकांश परिवारों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
पेयजल संकट के चलते महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है। पानी भरने को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। गांव का पुराना कुआं भी राहत नहीं दे पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कुएं का पानी गंदा और खारा है, लेकिन मजबूरी में उन्हें इसका इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं कराया। पाइपलाइन बिछाने में मानकों की अनदेखी और अधूरे कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और जल जीवन मिशन के कार्यों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराकर घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब दो साल से ग्रामीणों के घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है तो गांव में हर घर जल का दावा किस आधार पर किया जा रहा है? आखिर ग्रामीणों को इस समस्या से निजात कब मिलेगी?