नाबालिक बच्चों से काम करना अपराध माना जाता है। लेकिन जब शिक्षा के मंदिर में ही स्कूली बच्चों को किताबों की जगह काम करने के लिए तगारी फावड़े थमा दिए जाते हैं, तो बच्चों को मजबूरन मजदूर बनकर काम करना पड़ता है।
ऐसा ही एक मामला बागली ब्लॉक के ग्राम पंचायत भिकुपुरा में संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का सामने आया है।
जहां पर शिक्षक द्वारा 1 से 5 तक कि कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई करवाने की बजाय उनसे मजदूरों की तरह स्कूल परिसर में काम कराया जा रहा है। स्कूल परिसर में जिन बच्चों से शिक्षक उपस्थित रहकर काम कर रहा है उसका वीडियो भी तेजी से वायरल सोशल मीडिया पर हो रहा है।
Huzur, Bhopal | Aug 23, 2026