लुक्ष्मीपुरा व आसपास के गांवों में पैंथर का आतंक, एक माह में पांच घटनाएं
पशुओं को बना रहा शिकार, ग्रामीणों में भय का माहौल
चित्तौड़गढ़, 4 सितम्बर। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर लुक्ष्मीपुरा-बराड़ा क्षेत्र में पैंथर का आतंक बना हुआ है। पिछले एक माह में पैंथर द्वारा पशुओं को शिकार बनाने की पांच घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
हाल ही में रात के समय पैंथर लुक्ष्मीपुरा गांव के एक नोहरे में घुस गया और वहां बंधे गाय के एक वर्षीय बछड़े को दबोचकर अपना शिकार बना लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पास में बंधी बछड़े की मां रस्सी तोड़कर लोहे का फाटक गिराते हुए बाहर निकल गई, जिससे उसकी जान बच गई।
मौके पर पैंथर के दांतों के निशान तथा जिस रास्ते से वह आया, वहां उसके पंजों के निशान भी मिले हैं। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में पैंथर बकरी, बछड़े, गाय और भैंस सहित कई पशुओं को अपना शिकार बना चुका है।
लगातार बढ़ रही घटनाओं से क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है। रात के समय लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। ग्रामीणों ने पैंथर को जल्द पकड़ने की मांग की है।
घटना की सूचना समाजसेवक शिव प्रकाश लोधा ने वन विभाग प्रभारी को दे दी है। वन विभाग की ओर से जल्द ही क्षेत्र में पिंजरा लगाकर पैंथर को रेस्क्यू करने का आश्वासन दिया गया है।