जेल से रिहा होते ही सरस्वती नेगी का भव्य स्वागत, जीवीके हाइड्रो पावर प्रभावितों के मुआवजे की लड़ाई तेज करने का ऐलान।
श्रीनगर। उत्तराखंड क्रांति दल की कार्यकर्ता सरस्वती नेगी की जेल से रिहाई के बाद करीब 50 कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान श्रीनगर जल विद्युत परियोजना (जीवीके) से प्रभावित स्थानीय लोगों को वर्ष 2003 से लंबित जमीन का मुआवजा दिए जाने का मुद्दा फिर गरमा गया। उत्तराखंड क्रांति दल ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन, घर और खेती देने वाले प्रभावित परिवार पिछले 22 वर्षों से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। दल ने सरस्वती नेगी के संघर्ष को अन्याय के खिलाफ आवाज बताते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को उनका पूरा हक दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अब यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी प्रभावित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई है।
Pauri, Garhwal | Nov 7, 2026