ठेकेदार की मनमानी से सवालों में जल शक्ति विभाग का काम
सगवाड़ी में 45 पाइपें जमीन में दबाने के बजाय खुले में बिछाने का आरोप, ग्रामीण ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
सुरेंद्र ठाकुर
भड़ेला, 14 सितंबर
जल शक्ति मंडल सलूणी के तहत ग्राम पंचायत भलोड़ी के सगवाड़ी गांव में पेयजल लाइन के कार्य को लेकर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के एक ग्रामीण ने पाइपलाइन की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पेयजल लाइन की मरम्मत का कार्य निजी ठेकेदार को सौंपा गया था। आरोप है कि पाइपों को नियमानुसार जमीन के भीतर दबाने के बजाय कच्चे रास्ते के किनारे खुले में बिछा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सगवाड़ी में करीब 45 पाइपें इस तरह खुले में पड़ी हैं।
ग्रामीणों का तर्क है कि सर्दियों में क्षेत्र में भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में खुले में पड़ी पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने या पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा रास्ते से पशुओं की आवाजाही के कारण भी पाइपों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
वायरल वीडियो में कई स्थानों पर पाइपें पत्थरों के ऊपर तथा झाड़ियों के बीच दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने कुछ स्थानों पर पाइपलाइन के जोड़ से पानी रिसने का भी आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां जमीन खुदाई के लिए उपयुक्त थी। इसके बावजूद पाइपों को जमीन में दबाने के बजाय खुले में बिछाए जाने से कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
सगवाड़ी वार्ड के पूर्व वार्ड सदस्य जगदीश सहित परस राम, कर्म चंद, किशन लाल, सोहन लाल, चैन सिंह और होशियार सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में विभागीय कर्मचारियों को शिकायत भी की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर पूरे कार्य की जांच की जाए। यदि कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी हुई है तो संबंधित ठेकेदार से पाइपलाइन को नियमानुसार दोबारा जमीन में दबवाया जाए तथा लीकेज को भी तुरंत ठीक करवाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में सिर्फ खानापूर्ति नहीं, बल्कि गुणवत्ता और भविष्य की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन को सुरक्षित नहीं किया गया तो सर्दियों में दर्जनों परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
विभाग ने जांच का दिया भरोसा
इस मामले में जल शक्ति मंडल सलूणी के सहायक अभियंता सौरभ ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार को पाइपलाइन को जमीन में सही तरीके से बिछाने के आदेश जारी किए जाएंगे।
अब देखना यह होगा कि विभागीय जांच में मौके पर किए गए कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
Chamba, Chamba | Sep 15, 2026