महिला कभी अबला नहीं रही और न रहेगी, नारी शक्ति को पहचानकर राष्ट्र निर्माण में आगे आएं युवतियां
तेजसा युवती सम्मेलन में छात्राओं को नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता के लिए किया प्रेरित
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), प्रतापगढ़ के तत्वावधान में ‘तेजसा युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्राओं और युवतियों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने युवतियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण तथा सामूहिक वंदेमातरम् के साथ हुआ। सम्मेलन में जिले एवं क्षेत्र की महिला पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश, डॉ. आभा त्रिपाठी, अभाविप की पूर्व राष्ट्रीय मंत्री साक्षी सिंह, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सोम नाथ, डॉ. मंजूषा, आंचल सिंह और तनुश्री गुप्ता सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
आरएसएस के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह युवती सम्मेलन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ‘पंच परिवर्तन’ केवल भाषण का विषय नहीं, बल्कि इसे व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने युवतियों से सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का जागरण, नागरिक कर्तव्यों का पालन और पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता एवं अभाविप की पूर्व राष्ट्रीय मंत्री साक्षी सिंह ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही है। उन्होंने छात्राओं से अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा को पहचानने का आह्वान किया।
अभाविप प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. आभा त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के साथ वैचारिक मजबूती भी जरूरी है। इतिहास गवाह है कि जब-जब देश और समाज के सामने संकट आया, तब-तब नारी शक्ति ने साहस और पराक्रम का परिचय दिया। उन्होंने युवतियों को शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सोम नाथ ने कहा कि एआई और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के सामने अवसरों के साथ चुनौतियां भी हैं। युवाओं को सकारात्मक और नकारात्मक सामग्री के बीच अंतर समझते हुए अपने विकास पर ध्यान देना चाहिए।
मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. मंजूषा ने कहा कि देश के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवतियों को परंपरा और आधुनिकता के बीच समन्वय बनाते हुए करियर, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
अभाविप की प्रांत छात्रा प्रमुख ने कहा कि नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए भी प्रयास करना चाहिए। महिलाओं को अबला मानने की धारणा उचित नहीं है। आत्मनिर्भर बनकर युवतियां राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में विभाग छात्रा प्रमुख तनुश्री गुप्ता ने आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन लकी यादव ने किया। इस अवसर पर अभाविप प्रतापगढ़ विभाग संगठन मंत्री अनिल त्रिपाठी, विभाग संयोजक अमर सिंह, जिला संयोजक स्वतंत्र पाण्डेय, शौर्य मिश्र, शशांक सिंह, रिमझिम, श्लोक, शिवा शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।