प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
......................
आज दिनांक- 10 जुलाई 2026 को श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री अनु० जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलास्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला बैठक का आयोजन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला में संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं विकास मित्र आदि को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत कराये जाने वाले सर्वेक्षण, आधारभूत आकंड़ों के संग्रहण तथा विभाग द्वारा विकसित मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण किया गया।
जिला कल्याण पदाधिकारी श्री योगेन्द्र कुमार ने बताया कि नालन्दा जिले के परवलपुर प्रखंड को छोड़कर शेष 19 प्रखंडों की 77 ग्राम पंचायतों के 102 ग्रामों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना आदर्श ग्राम योजना के तहत किया गया है।
योजना का उद्देश्य चयनित ग्रामों का समग्र विकास कर उन्हें सभी आधारभूत सुविधाओं से सुशज्जित करना है। इसके लिए 10 डोमेन के अंतर्गत 50 मोनीट्रेवल, इंडीकेर्टस निर्धारित किये गये हैं, जिनमें पेयजल, शौचालय, सभी विद्यालयों एवं आंगनवाड़ियों में शौचालय का निर्माण, नालियों का निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रभावशाली निष्कासन एवं बालक एवं बालिकाओं का विद्यालयों में नामांकन एवं उनके शिक्षा स्तरों का आकलन, स्वास्थ्य और पोषण, आपातकालीन एंबुलेंस सुविधा, सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा, वृद्धावस्था एवं दिव्यांग पोषण, ग्रामीण सड़कें और आवास, आंतरिक सड़कों पर पी०सी०सी०, ब्रिक टॉप, पक्की टाइलें लगाना, हर किस्म के मौसम के अनुकूल सड़कों का निर्माण, विद्युत और बिजली कनेक्सन एल०ई०डी० बल्ब गैस कनेक्सन, सोलर लाईट, स्ट्रीट लाईट, कृषि पद्धतियाँ, सॉयल हेल्थ कार्ड व जल संग्रहन क्षेत्र प्रबंधन आदि कार्य किया जाना है।
जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रति चयनित गांव के सर्वांगीण विकास हेतु अंतर पाटन घटक के अंतर्गत 20 लाख से 01 करोड़ की राशि दी जायेगी। केन्द्र सरकार द्वारा चयनित नये ग्रामों के लिए 21 लाख रूपये प्रति ग्राम की दर से धनराशि दी जायेगी। जिसमें से 20 लाख रूपये की राशि अंतर पाटन के कार्यकलापों के लिए खर्च की जायेगी, तथा शेष 01 लाख रूपये की राशि प्रशासनिक एवं अन्य खर्चों अर्थात् तकनीकि सहायता, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, जागरूकता सृजन, प्रचार आदि के लिए केन्द्र, राज्य, जिला एवं ग्राम स्तर पर 1:1:1:2 के अनुपात में वितरित की जायेगी।
जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा आगे बताया गया कि प्रधानमंत्री आर्दश ग्राम योजना के तहत 40 प्रतिशत से अधिक अनु० जाति की आबादी व 500 अनु० जाति की आबादी वाले गांवों का चयन किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि योजना के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में योजना मूल्यांकन - सह अभिसरण समिति तथा ग्राम स्तर पर संबंधित पंचायतों के मुखिया की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जा चुका है। सभी चयनित गांवों में सर्वेक्षण दल का भी गठन किया गया है।
अध्यक्षीय संबोधन में जिलाधिकारी महोदया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ सम्पन्न करें, तथा समेकित प्रतिवेदन निर्धारित समय सीमा के अंदर उपलब्ध करायें, ताकि आगे की कार्रवाई ससमय सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर कार्यशाला में उप विकास आयुक्त, निदेशक, डी०आर०डी०ए०, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा कोषांग), जिला योजना पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। साथ-साथ 19 प्रखंडों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित ग्रामों के सर्वेक्षण दल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
SC&ST Welfare Dept. of Bihar
Social Welfare Department, Government of Bihar
ICDS Directorate Bihar
176 views | Nalanda, Bihar | Jul 10, 2026