प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
-----------------
आज दिनांक - 11 जुलाई 2026 को नालंदा की जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह द्वारा बसवनबिगहा, बिहारशरीफ में आयोजित बावन बूटी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के हरित पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान के साथ हुआ।
इस अवसर पर बुनकरों, शिल्पकारों, नाबार्ड के पदाधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने सभी अतिथियों, बुनकरों एवं शिल्पकारों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिले की प्रसिद्ध बावन बूटी हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रशासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेगा ताकि बावन बूटी उत्पादों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती उत्पादों को बाजार से जोड़ने की है। इसके लिए केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन भी आवश्यक है।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ऐसे प्रदर्शनी स्थल विकसित किए जाएं, जहां आने वाले पर्यटक न केवल उत्पाद खरीदें, बल्कि उसके निर्माण की पूरी कहानी भी जान सकें। प्रत्येक उत्पाद के साथ उसकी विशेषता, निर्माण में लगा समय, उसे तैयार करने वाले कारीगरों का योगदान, प्रयुक्त सामग्री, रंग तथा उससे जुड़ी स्थानीय सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख भी होना चाहिए, ताकि खरीदार उस उत्पाद से भावनात्मक रूप से जुड़ सके।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में उसके पीछे की कहानी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बुनकरों से आग्रह किया कि वे अपने उत्पादों में स्थानीय उत्पाद, सांस्कृतिक विरासत और नालंदा की पहचान को प्रमुखता दें।
उन्होंने प्रत्येक बावन बूटी उत्पाद पर क्यूआर (QR) कोड अंकित करने का भी सुझाव दिया, जिससे खरीदार उत्पाद की निर्माण प्रक्रिया, उसे बनाने वाले कारीगरों, प्रयुक्त सामग्री एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर तथा विभिन्न डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स का सहयोग लेकर बावन बूटी उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक किया जा सकता है। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का भी प्रयास करेगा, ताकि इस शिल्प का उत्पादन, विपणन एवं प्रचार-प्रसार और अधिक व्यापक हो तथा यह नालंदा की विशिष्ट पहचान के रूप में स्थापित हो सके।
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने कहा कि जीआई (GI) टैग प्राप्त होने के बाद सभी बुनकरों को उससे जोड़ा जाएगा,
ताकि वे जीआई टैग का वैधानिक रूप से उपयोग कर सकें।
उन्होंने बताया कि बावन बूटी उत्पादों को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भविष्य में क्षेत्र में धागा उत्पादन इकाई स्थापित करने की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा, जिससे बुनकरों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान बुनकरों की ओर से नीतू कुमारी, सूरज देव एवं मणिकांत कुमार सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव साझा किए। उन्होंने कहा कि उत्पादों की मार्केटिंग उनकी सबसे बड़ी चुनौती है और उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने बावन बूटी कला के संरक्षण एवं नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
बुनकरों ने यह भी सुझाव दिया कि बावन बूटी उत्पादों का उपयोग अस्पतालों, रेलवे एवं अन्य सरकारी संस्थानों में बढ़ाया जाए, जिससे उन्हें स्थायी बाजार मिल सके। साथ ही प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं राज्य के प्रतिष्ठित होटलों में उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध भी जिला प्रशासन से किया। जिला पदाधिकारी ने बुनकरों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सभी व्यवहारिक प्रस्तावों पर सकारात्मक रूप से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Industries Department, Bihar
Bihar Industrial Area Development Authority - BIADA
Nalanda, Bihar | Jul 11, 2026