गिरते लिंगानुपात पर सख्त हुआ स्वास्थ्य विभाग : नकीपुर के मैडिकल स्टोर्स पर औचक छापेमारी
अवैध गर्भपात की दवाओं की बिक्री और एक्सपायरी दवाओं के प्रबंधन पर दी कड़ी चेतावनी
पंजीकृत चिकित्सक की वैध पर्ची बगैर गर्भपात संबंधी दवा बेचना गैरकानूनी : डा. प्रवीण
भिवानी, 13 जून : क्षेत्र में लगातार गिरते लिंगानुपात को बेहद गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नकीपुर के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डा. प्रवीण कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के सभी मैडिकल स्टोर्स पर व्यापक औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाना और इलाके में पीसीपीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था। डा. प्रवीण कुमार ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी पंजीकृत चिकित्सक की वैध पर्ची के बिना गर्भपात संबंधी कोई भी दवा बेचना गैरकानूनी है। टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ किसी भी प्रकार की अवैध सांठगांठ को लेकर भी संचालकों को कड़ी चेतावनी दी।
निरीक्षण दल ने दवाओं के रख-रखाव और उनकी गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया। डा. प्रवीण कुमार ने सभी मैडिकल स्टोर संचालकों को एक्सपायरी डेट पार कर चुकी दवाओं के प्रबंधन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देश दिया कि कि एक्सपायर हो चुकी दवाओं को बिक्री वाले मुख्य स्टॉक से तुरंत अलग किया जाए। ऐसी दवाओं को एक अलग डिब्बे या रैक में रखा जाए, जिस पर स्पष्ट अक्षरों में नॉट फॉर सेल लिखा होना अनिवार्य है। एक्सपायरी दवाओं का बायो-मेडिकल वेस्ट नियमों के तहत सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी स्टोर पर बिक्री के लिए रखे गए स्टॉक में एक्सपायरी दवाएं पाई गई तो ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान डा. प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया कि कन्या भ्रूण हत्या या अवैध लिंग जांच में किसी भी मेडिकल स्टोर की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता एक संगीन अपराध है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना ली है। सभी दुकानदारों को अंतिम चेतावनी दी गई है कि यदि इलाके में लिंगानुपात की गिरावट के पीछे किसी भी दवा विक्रेता की लापरवाही, अवैध दवाओं की बिक्री या मिलीभगत सामने आती है, तो उसका लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। क्षेत्र के लिंगानुपात के आंकड़ों में सुधार लाने और पूरी तरह से कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए आने वाले हफ्तों में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और ट्रैकिंग लगातार जारी रहेगी