नैमिषारण्य में विकास के दावों पर सवाल, तीर्थ क्षेत्र परिषद में छाया अंधेरा
सोलर लाइटें बनीं शोपीस, बिजली जाते ही देव देवेश्वर धाम के पीछे गोमती घाट पर अंधेरा; श्रद्धालुओं को परेशानी
.
#नैमिषारण्य/सीतापुर। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किए जा रहे धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र नैमिषारण्य में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। तीर्थ क्षेत्र परिषद परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि परिसर में लगाई गईं कई सोलर लाइटें महज शोपीस बनकर रह गई हैं। शाम ढलने के बाद जब बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो देव देवेश्वर धाम के पीछे स्थित गोमती घाट क्षेत्र में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में दूर-दराज से पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अंधेरे में ही आवागमन और पूजन करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि नैमिषारण्य को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं में इस तरह की कमी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। खासकर प्रमुख धार्मिक स्थलों और घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि सोलर लाइटें लगाई गई हैं तो उनका नियमित रखरखाव और संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वहीं, बिजली जाने की स्थिति में वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को अंधेरे का सामना न करना पड़े।
अब सवाल यह है कि जब नैमिषारण्य को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है, तो क्या जमीन पर दिखाई देने वाली बुनियादी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी की जा रही है? श्रद्धालुओं ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने और खराब पड़ी सोलर लाइटों को चालू कराने की मांग की है।
-द टेलीकास्ट न्यूज़ | नैमिषारण्य
Hardoi, Hardoi | Oct 5, 2026