#बालाघाट
ग्राम चाचेरी में सुपर सीडर से डीएसआर पद्धति द्वारा धान की सीधी बुवाई का प्रदर्शन
किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दी गई जानकारी
बालाघाट जिले में कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन में धान उत्पादन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से किसानों के बीच आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बालाघाट के ग्राम चाचेरी में सुपर सीडर मशीन की सहायता से डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति द्वारा धान की सीधी बुवाई का सफल प्रदर्शन किया गया।
उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के किसानों को डीएसआर तकनीक के लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस पद्धति में धान की रोपाई के स्थान पर सीधे खेत में बीज की बुवाई की जाती है, जिससे श्रम, समय और सिंचाई जल की बचत होती है। साथ ही खेती की लागत कम होने के कारण किसानों की आय बढ़ाने में भी यह तकनीक सहायक सिद्ध हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान सुपर सीडर मशीन के संचालन की जानकारी देते हुए किसानों को बताया गया कि यह मशीन फसल अवशेषों के प्रबंधन के साथ-साथ बुवाई का कार्य भी करती है। इससे खेत में पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि डीएसआर पद्धति अपनाने से धान की फसल में खरपतवार प्रबंधन, पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग तथा जल संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकता है। यह तकनीक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने सुपर सीडर मशीन द्वारा की गई बुवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया और तकनीक के संबंध में विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने इस नवाचार को उपयोगी बताते हुए आगामी खरीफ सीजन में इसे अपनाने में रुचि दिखाई।
कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में इसी प्रकार के प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान नई तकनीकों का लाभ उठा सकें।
#minmpkrishi
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP