खेत में फेंके गए नवजात को रोहनिया पुलिस ने बचाया, इंस्पेक्टर ने दिखाई इंसानियत
वाराणसी। “जाको राखे साइयां, मार सके न कोय, बाल न बांका करि सके, जो जग बैरी होय”—यह पंक्ति मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में चरितार्थ होती नजर आई। जन्म के कुछ ही समय बाद एक नवजात शिशु को कथित रूप से लोकलाज के भय से किसी ने खेत में मरने के लिए छोड़ दिया। ठंड और भूख से तड़प रहे मासूम की सूचना मिलने पर रोहनिया थाने के प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, नवजात को खेत में असहाय अवस्था में पाया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बिना समय गंवाए बच्चे को उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से नवजात की जान बच गई। उपचार के बाद उसकी हालत स्वस्थ बताई जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह के इस संवेदनशील प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानव जीवन की रक्षा करना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है।
नवजात को खेत में छोड़ने वाले व्यक्ति के प्रति लोगों में आक्रोश है। वहीं, पुलिस अधिकारी द्वारा समय रहते मासूम की जान बचाने के प्रयास को लोग इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।
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