घाघरा नदी का कटान जारी, 50 बीघा जमीन नदी में:गोंडा में एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 6 सेमी...
#गोंडा में #घाघरा_नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तरबगंज तहसील के तटीय इलाकों में कटान तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह बाणीमाझा क्षेत्र में नदी के तेज बहाव से अब तक 50 बीघा से अधिक कृषि भूमि कटकर नदी में समा चुकी है। गन्ने की खड़ी फसल और किसानों की तैयार की गई उपजाऊ जमीन भी कटान की चपेट में है।
खेतों के साथ फूस के मकानों पर भी खतरा
कटान प्रभावित इलाके में तीन से चार अस्थायी फूस के मकान भी नदी की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज कटान जारी रहा तो ये मकान कभी भी नदी में समा सकते हैं। किसानों का आरोप है कि अब तक राजस्व विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची है और न ही नुकसान का आकलन कर मुआवजे की कोई प्रक्रिया शुरू की गई है।
खतरे के निशान से 6 सेमी ऊपर बह रही घाघरा
शुक्रवार सुबह 8:40 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। नदी में कुल 2,57,925 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। इसमें गिरजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,31,337 क्यूसेक और सरयू बैराज से 3,515 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण दोपहर तक जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
डीएम बोलीं- नुकसान का होगा आकलन, मिलेगा मुआवजा
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन सुबह 9 बजे के बाद इसमें कमी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है और नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
डीएम ने कहा कि बाढ़ खंड और राजस्व विभाग की टीमें लगातार अलर्ट पर हैं। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।