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भरतपुर : सांसद डॉ. सतीश पूनिया अप्सरा कुंड स्थित दाऊजी मंदिर पहुंचे, दाऊजी महाराज के किए दर्शन,`मंदिर महंत विजय बाबा ने सांसद डॉ. पूनिया का स्वागत किया, दुपट्टा पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया`

Bharatpur, Bharatpur | Jun 16, 2026

MORE NEWS

#जागो_जिम्मेदारों_जागो!
भरतपुर। शहर के पक्का बाग क्षेत्र में स्थित एक जर्जर भवन और सार्वजनिक मार्ग पर किया गया अतिक्रमण स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। यह क्षतिग्रस्त मकान इस कदर बदहाल है कि कभी भी भरभरा कर गिर सकता है, जिससे वहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की जान को सीधा खतरा है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भवन का एक हिस्सा आम रास्ते पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। क्षेत्रवासियों ने निगम आयुक्त को पत्र भेजकर इस लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है और सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन कार्रवाई के लिए किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है।

#जागो_जिम्मेदारों_जागो! भरतपुर। शहर के पक्का बाग क्षेत्र में स्थित एक जर्जर भवन और सार्वजनिक मार्ग पर किया गया अतिक्रमण स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। यह क्षतिग्रस्त मकान इस कदर बदहाल है कि कभी भी भरभरा कर गिर सकता है, जिससे वहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की जान को सीधा खतरा है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भवन का एक हिस्सा आम रास्ते पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। क्षेत्रवासियों ने निगम आयुक्त को पत्र भेजकर इस लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है और सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन कार्रवाई के लिए किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 24, 2026

#शिक्षक_प्रदर्शन_करने_पर_मजबूर..
भरतपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के तत्वावधान में आज जिला मुख्यालय पर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया तथा मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर भरतपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लगभग 8 वर्षों से लंबित स्थानांतरणों को शीघ्र प्रारंभ करने, पंचायत राज शिक्षकों पर की जा रही पे-प्रोटेक्शन रिकवरी को निरस्त करने, कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि करने, लंबित डीपीसी एवं रिव्यू डीपीसी आयोजित करने तथा स्थानांतरण एवं पदस्थापन में पारदर्शी काउंसलिंग प्रणाली लागू करने सहित शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी है कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, लेकिन आज उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। यदि सरकार ने इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। आने वाले दिनों में अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसके तहत लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहते हुए उग्र धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

#शिक्षक_प्रदर्शन_करने_पर_मजबूर.. भरतपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के तत्वावधान में आज जिला मुख्यालय पर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया तथा मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर भरतपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लगभग 8 वर्षों से लंबित स्थानांतरणों को शीघ्र प्रारंभ करने, पंचायत राज शिक्षकों पर की जा रही पे-प्रोटेक्शन रिकवरी को निरस्त करने, कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि करने, लंबित डीपीसी एवं रिव्यू डीपीसी आयोजित करने तथा स्थानांतरण एवं पदस्थापन में पारदर्शी काउंसलिंग प्रणाली लागू करने सहित शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी है कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, लेकिन आज उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। यदि सरकार ने इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। आने वाले दिनों में अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसके तहत लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहते हुए उग्र धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 24, 2026

#ये_कैसे_धरती_के_भगवान_है?
भरतपुर। संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल की गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी में बुधवार को उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जब करीब 150 मरीज चिकित्सक के इंतजार में बैठे रहे। आरोप है कि पहले तो चिकित्सक एक घंटे की देरी से अस्पताल पहुंचे, मरीजों ने देरी की शिकायत की तो गैस्ट्रो विभाग के चिकित्सक ओपीडी छोड़कर चले गए। मरीज पक्ष ने चिकित्सक पर अभद्र व्यवहार और लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी और पीएमओ ने दूसरे चिकित्सकों को बैठाकर मरीजों का उपचार शुरू कराया। लुधावई गांव के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि वह अपने गांव के एक मरीज जितेंद्र को पेट संबंधी समस्या के इलाज के लिए सुबह करीब 9 बजे आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बारिश के कारण मरीज को अपनी कार से अस्पताल पहुंचाया। पर्ची कटवाने के बाद जब वह गैस्ट्रो विभाग की ओपीडी में पहुंचे तो वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इस पर उन्होंने अस्पताल के पीएमओ डॉ. नगेन्द्र भदौरिया को फोन कर सूचना दी। राजेश कुमार का आरोप है कि करीब 10 बजे डॉ. सौरभ जैन अस्पताल पहुंचे, लेकिन मरीजों को देखने के बजाय उन्होंने ओपीडी का दरवाजा बंद करवा दिया। उन्होंने कहा कि लाइन में लगे मरीजों को भी नहीं देखा गया। जब उन्होंने मरीज दिखाने का आग्रह किया तो डॉक्टर ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा कि उन्हें जहां शिकायत करनी है कर दें, वह किसी मरीज को नहीं देखेंगे। सरपंच ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने करीब 150 मरीजों को बिना देखे ही ओपीडी छोड़ दी। उनका कहना है कि अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ भी चिकित्सक का व्यवहार ठीक नहीं था। अस्पताल के पीएमओ डॉ. नगेन्द्र भदौरिया ने बताया कि गैस्ट्रो विभाग में चिकित्सक और मरीज पक्ष के बीच कहासुनी की सूचना मिली थी। मामले की जानकारी मिलने पर अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक को मौके पर भेजा गया। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित हुई थीं, लेकिन मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए तत्काल अन्य चिकित्सकों को बैठाकर ओपीडी सुचारू करा दी गई। डॉ. भदौरिया ने बताया कि डॉ. सौरभ जैन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। मामले की सूचना मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई चिकित्सक ड्यूटी के दौरान मरीजों को छोड़कर चला जाता है तो यह गंभीर मामला है और ऐसे प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी।

#ये_कैसे_धरती_के_भगवान_है? भरतपुर। संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल की गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी में बुधवार को उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जब करीब 150 मरीज चिकित्सक के इंतजार में बैठे रहे। आरोप है कि पहले तो चिकित्सक एक घंटे की देरी से अस्पताल पहुंचे, मरीजों ने देरी की शिकायत की तो गैस्ट्रो विभाग के चिकित्सक ओपीडी छोड़कर चले गए। मरीज पक्ष ने चिकित्सक पर अभद्र व्यवहार और लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी और पीएमओ ने दूसरे चिकित्सकों को बैठाकर मरीजों का उपचार शुरू कराया। लुधावई गांव के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि वह अपने गांव के एक मरीज जितेंद्र को पेट संबंधी समस्या के इलाज के लिए सुबह करीब 9 बजे आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बारिश के कारण मरीज को अपनी कार से अस्पताल पहुंचाया। पर्ची कटवाने के बाद जब वह गैस्ट्रो विभाग की ओपीडी में पहुंचे तो वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इस पर उन्होंने अस्पताल के पीएमओ डॉ. नगेन्द्र भदौरिया को फोन कर सूचना दी। राजेश कुमार का आरोप है कि करीब 10 बजे डॉ. सौरभ जैन अस्पताल पहुंचे, लेकिन मरीजों को देखने के बजाय उन्होंने ओपीडी का दरवाजा बंद करवा दिया। उन्होंने कहा कि लाइन में लगे मरीजों को भी नहीं देखा गया। जब उन्होंने मरीज दिखाने का आग्रह किया तो डॉक्टर ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कहा कि उन्हें जहां शिकायत करनी है कर दें, वह किसी मरीज को नहीं देखेंगे। सरपंच ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने करीब 150 मरीजों को बिना देखे ही ओपीडी छोड़ दी। उनका कहना है कि अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ भी चिकित्सक का व्यवहार ठीक नहीं था। अस्पताल के पीएमओ डॉ. नगेन्द्र भदौरिया ने बताया कि गैस्ट्रो विभाग में चिकित्सक और मरीज पक्ष के बीच कहासुनी की सूचना मिली थी। मामले की जानकारी मिलने पर अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक को मौके पर भेजा गया। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित हुई थीं, लेकिन मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए तत्काल अन्य चिकित्सकों को बैठाकर ओपीडी सुचारू करा दी गई। डॉ. भदौरिया ने बताया कि डॉ. सौरभ जैन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। मामले की सूचना मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई चिकित्सक ड्यूटी के दौरान मरीजों को छोड़कर चला जाता है तो यह गंभीर मामला है और ऐसे प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जाएगी।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 24, 2026

#दर्शन_के_लिए_निकले_लेकिन_अंत_हो_गया....!
भरतपुर। सेवर थाना अंतर्गत सेक्टर नंबर 13 आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार शाम को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक चोटिल बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस को मृतक के शरीर पर गोली लगने जैसे निशान मिले हैं। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए एक रिश्तेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, पुलिस ने शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। सेवर थानाधिकारी सतीश चंद शर्मा ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि 13 नंबर सेक्टर योजना में नाले के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की जांच की। मृतक के कुर्ते की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान कालीचरण (65) पुत्र छोटेलाल निवासी लालबाग, बयाना के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि शरीर पर गनशॉट (गोली लगने) जैसे निशान मिले हैं, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मृतक के परिजन हिमांशु सिंह ने बताया कि बुधवार को कालीचरण को उनके साड़ू के बेटे राजू ने माता के मंदिर में दर्शन कराने के लिए फोन पर बुलाया था। उस समय कालीचरण अपने दो नातियों के साथ थे। उन्होंने नातियों को बताया कि वह राजू के साथ जा रहे हैं। हिमांशु का आरोप है कि इसके बाद कालीचरण की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनका शव भरतपुर की 13 नंबर सेक्टर योजना क्षेत्र में फेंक दिया गया। परिजन हिमांशु सिंह ने दावा किया कि मृतक के शरीर पर दो गोली के निशान हैं। उनके अनुसार एक गोली सीने के पास और दूसरी पेट के हिस्से में लगी है। हिमांशु ने बताया कि कालीचरण धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और अक्सर माता के जागरण तथा झारपीर बाबा से जुड़े धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहते थे। नई सेमरी माता मंदिर दर्शन के लिए भी उन्हें बुलाया गया था। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए हत्या के पीछे की वजह भी जांच का विषय है।

#दर्शन_के_लिए_निकले_लेकिन_अंत_हो_गया....! भरतपुर। सेवर थाना अंतर्गत सेक्टर नंबर 13 आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार शाम को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक चोटिल बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस को मृतक के शरीर पर गोली लगने जैसे निशान मिले हैं। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए एक रिश्तेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, पुलिस ने शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। सेवर थानाधिकारी सतीश चंद शर्मा ने बताया कि बुधवार शाम करीब चार बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि 13 नंबर सेक्टर योजना में नाले के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की जांच की। मृतक के कुर्ते की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान कालीचरण (65) पुत्र छोटेलाल निवासी लालबाग, बयाना के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि शरीर पर गनशॉट (गोली लगने) जैसे निशान मिले हैं, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मृतक के परिजन हिमांशु सिंह ने बताया कि बुधवार को कालीचरण को उनके साड़ू के बेटे राजू ने माता के मंदिर में दर्शन कराने के लिए फोन पर बुलाया था। उस समय कालीचरण अपने दो नातियों के साथ थे। उन्होंने नातियों को बताया कि वह राजू के साथ जा रहे हैं। हिमांशु का आरोप है कि इसके बाद कालीचरण की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनका शव भरतपुर की 13 नंबर सेक्टर योजना क्षेत्र में फेंक दिया गया। परिजन हिमांशु सिंह ने दावा किया कि मृतक के शरीर पर दो गोली के निशान हैं। उनके अनुसार एक गोली सीने के पास और दूसरी पेट के हिस्से में लगी है। हिमांशु ने बताया कि कालीचरण धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और अक्सर माता के जागरण तथा झारपीर बाबा से जुड़े धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहते थे। नई सेमरी माता मंदिर दर्शन के लिए भी उन्हें बुलाया गया था। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए हत्या के पीछे की वजह भी जांच का विषय है।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 24, 2026

#ऐसा_है_हमारा_सबसे_बड़ा_अस्पताल..
भरतपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी आरबीएम अस्पताल में बुधवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की एक बार फिर पोल खुल गई। यहां गैस्ट्रो विभाग में इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए मरीजों का आरोप है कि गैस्ट्रो चिकित्सक निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से अस्पताल पहुंचे और इसके बाद भी उन्होंने अपने चेम्बर का दरवाजा बंद कर लिया। इस लापरवाही के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों की भारी भीड़ जमा हो गई और लंबी कतारें लग गईं। डॉक्टरों की इस लेटलतीफी और अव्यवस्था को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने और डॉक्टरों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।

#ऐसा_है_हमारा_सबसे_बड़ा_अस्पताल.. भरतपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी आरबीएम अस्पताल में बुधवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की एक बार फिर पोल खुल गई। यहां गैस्ट्रो विभाग में इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आए मरीजों का आरोप है कि गैस्ट्रो चिकित्सक निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से अस्पताल पहुंचे और इसके बाद भी उन्होंने अपने चेम्बर का दरवाजा बंद कर लिया। इस लापरवाही के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों की भारी भीड़ जमा हो गई और लंबी कतारें लग गईं। डॉक्टरों की इस लेटलतीफी और अव्यवस्था को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने और डॉक्टरों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।

Bharatpur, Bharatpur | Jun 24, 2026