मिलावट के खिलाफ प्रशासन की सख्ती, छह खाद्य नमूने जांच को भेजे!! 12 मिष्ठान एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, एक्सपायरी खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट!!
रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम, चीनी की अनधिकृत स्टॉकिंग तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलिंडरों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्य बाजार में सघन निरीक्षण अभियान चलाया।
अभियान के दौरान टीम ने रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार, किराना तथा फल-सब्जी की दुकानों का निरीक्षण किया। खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत 12 मिष्ठान एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए बर्फी, बोर्नवीटा बर्फी, मिल्क केक, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू और गुलाब जामुन के छह सर्विलांस खाद्य नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
वहीं, टीम ने छह परचून एवं सब्जी की दुकानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कुरकुरे, पास्ता, सोडा और ओट्स सहित एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे सख्त चेतावनी के साथ मौके पर ही नष्ट कराया गया।
पूर्ति विभाग की टीम ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलिंडरों के उपयोग और परचून की दुकानों में चीनी के स्टॉक की भी जांच की। अधिकारियों ने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य कारोबारियों को गुणवत्तापरक खाद्य सामग्री ही बेचने तथा एक्सपायरी सामग्री को बिक्री के लिए न रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करने, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग नहीं करने तथा परचून दुकानदारों को चीनी की अनधिकृत स्टॉकिंग से बचने की हिदायत दी। साथ ही सभी दुकानदारों को प्रतिष्ठानों पर सामग्री की दर सूची चस्पा करने और अद्यतन दरों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण दल में सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन मनोज कुमार सेमवाल, पूर्ति निरीक्षक चन्द्रमोहन बरमोला, राजस्व उपनिरीक्षक अमित पुण्डीर, पुलिस विभाग से अमित सिंह पंवार एवं संजय कुमार तथा खाद्य संरक्षा विभाग के अनुसेवक सतवीर रावत शामिल रहे।