कोटा नहर हादसा: रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल, आखिर जवाबदेही किसकी?
कोटा। नहर हादसे ने एक बार फिर आपदा के समय बचाव व्यवस्थाओं की तैयारियों और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू अभियान में देरी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। लोगों का कहना था कि बचाव कार्य अपेक्षित तेजी से नहीं हो रहा है। वहीं, प्रशासन के अनुसार SDRF, NDRF और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई थीं।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—जब किसी की जिंदगी दांव पर लगी हो, तो बचाव कार्य में हर मिनट इतना महत्वपूर्ण क्यों हो जाता है और ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवस्थाएं कितनी तैयार हैं?
सवाल किसी पर बिना जांच आरोप लगाने का नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने का है। रेस्क्यू में देरी के आरोपों की जांच होनी चाहिए और यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि बचाव कार्य के दौरान संसाधनों, टीमों और आपसी समन्वय में कोई कमी तो नहीं रही।
हादसों के बाद केवल संवेदनाएं जताना काफी नहीं है। जरूरत है जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की। आखिर जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी त्रासदी रोकने के लिए क्या बदलेगा? इन सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।
✍️ जर्नलिस्ट मंगल सिंह हाडा
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Ladpura, Kota | Oct 22, 2026