पितृपक्ष मेला से पहले बड़ी चुनौती: आधे घंटे की बारिश में रामसागर-चांदचौरा सड़क पर घुटने तक पानी, लाखों श्रद्धालुओं की राह होगी मुश्किल
गया। पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर लगातार काम किया जा रहा है। लेकिन हुई महज आधे घंटे की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की एक बड़ी समस्या सामने ला दी। रामसागर से चांदचौरा जाने वाली मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा हो गया। सड़क के बड़े हिस्से में पानी भर जाने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह सड़क पितृपक्ष मेला के दौरान बेहद महत्वपूर्ण है। मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लाखों तीर्थयात्री पिंडदान और तर्पण के लिए गया पहुंचते हैं। विष्णुपद मंदिर सहित आसपास के धार्मिक स्थलों तक आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मेला के दौरान बारिश हुई और सड़क पर इसी तरह पानी जमा हुआ तो श्रद्धालुओं के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
आधे घंटे की बारिश और सड़क पर पानी ही पानी
बुधवार को दोपहर बाद हुए बारिश शुरू होने के कुछ ही देर बाद रामसागर-चांदचौरा मार्ग पर जलजमाव की स्थिति बनने लगी। करीब आधे घंटे की बारिश के बाद सड़क के बड़े हिस्से पर पानी जमा हो गया। कई जगह पानी इतना अधिक था कि पैदल चलना मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन चालकों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश खत्म होने के बाद भी सड़क पर काफी देर तक पानी जमा रहा।
लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही का रहेगा दबाव
पितृपक्ष मेला के दौरान इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। सुबह से लेकर देर शाम तक तीर्थयात्रियों का आवागमन जारी रहता है। बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी पिंडदान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर जलजमाव होने से पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है। जलजमाव के कारण वाहनों की रफ्तार कम होने से जाम की स्थिति भी बन सकती है।
जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत
पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले जिला प्रशासन और नगर निगम को इस समस्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्थानीय लोगों की मांग है कि रामसागर से चांदचौरा तक जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण कराया जाए। जहां नालियां जाम हैं, वहां तत्काल सफाई कराई जाए और पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखी जाए। मेला के दौरान अगर बारिश होती है तो जलजमाव से निपटने के लिए पंप और अन्य संसाधनों की व्यवस्था पहले से रखने की जरूरत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेला शुरू होने के बाद समस्या सामने आने का इंतजार करने के बजाय अभी से जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए।
आधे घंटे की बारिश में रामसागर-चांदचौरा मार्ग पर हुआ जलजमाव प्रशासन के लिए एक संकेत है। पितृपक्ष मेला में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बारिश के दौरान तीर्थयात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।