11 नवंबर तक पेंशनरों की देनदारियां नहीं चुकाईं तो प्रदेशभर में होगा प्रदर्शन
### 18 या 19 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा घेराव की चेतावनी, सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम
**शिमला, 28 अक्टूबर।** हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार को पेंशनरों की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए 11 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि तय समयसीमा तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 18 या 19 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान धरना-प्रदर्शन और विधानसभा घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में समिति से जुड़े 18 संगठन संयुक्त कार्रवाई समिति के बैनर तले भाग लेंगे।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंद्र पाल शर्मा और अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने बुधवार को जारी संयुक्त बयान में सरकार से मांग की कि **1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियों का जल्द भुगतान किया जाए।** इनमें संशोधित लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, 196 माह के वेतन एवं पेंशन एरियर तथा 10 प्रतिशत डीए/डीआर की अदायगी शामिल है। इसके अलावा लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए भी पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने की मांग उठाई गई है।
### कम्यूटेशन अधिसूचना वापस लेने पर जताया विरोध
अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने 14 सितंबर 2026 को जारी संशोधित कम्यूटेशन अधिसूचना वापस लिए जाने पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सरकार से इस अधिसूचना को दोबारा बहाल करने की मांग की। समिति का कहना है कि पेंशनरों के हितों से जुड़े इस मामले में सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
### 17 सूत्रीय मांगपत्र पर बैठक नहीं हुई तो आंदोलन
समिति ने बताया कि 18 सितंबर को बिलासपुर में हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि यदि सरकार संयुक्त कार्रवाई समिति को 17 सूत्रीय मांगपत्र पर चर्चा के लिए नहीं बुलाती है, तो प्रदेशभर में पेंशनर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे। अब समिति ने लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए 11 नवंबर तक की समयसीमा तय करते हुए आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
### 31 जुलाई तक भुगतान का आश्वासन पूरा नहीं होने का आरोप
पेंशनर नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की देनदारियों को जानबूझकर लंबित रख रही है, जबकि 1 मार्च 2022 के बाद सेवानिवृत्त हो रहे पेंशनरों की देनदारियों का भुगतान किया जा रहा है।
समिति के अनुसार, 13 मई को सचिवालय में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 31 जुलाई तक 40 प्रतिशत लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की राशि जारी करने की बात कही थी, लेकिन यह भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इससे पेंशनरों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
समिति ने स्पष्ट किया कि यदि 11 नवंबर तक लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जिला स्तर से लेकर धर्मशाला में विधानसभा घेराव तक आंदोलन किया जाएगा।