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अपनी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के आसान से तरीके 2 गज दूरी,मास्क है जरूरी

2.3k views | Sehore Nagar, Sehore | Apr 15, 2021

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• सफलता की कहानी

• संत रविदास स्वरोजगार योजना से उद्देश्य मालवीय बने आत्मनिर्भर युवा

• अपने पिता के साथ मिलकर स्थापित किया आटा चक्की का बड़ा व्यवसाय
......

                      प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प के साथ अनेक जनकल्याणकारी स्वरोजगार योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को आसान ऋण, अनुदान और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इन्हीं योजनाओं में संत रविदास स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। सीहोर जिले के युवा श्री उद्देश्य मालवीय इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं।

      उद्देश्य बताते हैं कि उनके पिता कई वर्षों से आटा चक्की का छोटा व्यवसाय करते थे, लेकिन सीमित पूंजी, पर्याप्त मशीनरी का अभाव और अच्छी लोकेशन पर दुकान न होने के कारण व्यवसाय का विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था। उद्देश्य चाहते थे कि आधुनिक मशीनें खरीदकर और बेहतर स्थान पर दुकान स्थापित कर इस पारिवारिक व्यवसाय को नई पहचान दें, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा थी।

इसी दौरान उन्हें संत रविदास स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। उन्होंने सीहोर कलेक्ट्रेट स्थित जिला अंत्यावसायी कार्यालय में संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त की और आवेदन किया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 01 लाख 80 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।

      इस ऋण से उद्देश्य ने नई एवं आधुनिक आटा चक्कियां खरीदीं तथा बेहतर स्थान पर अपना व्यवसाय स्थापित किया। आज वे अपने पिता के साथ मिलकर सफलतापूर्वक व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और बेहतर ग्राहकों के कारण अब दोनों मिलकर लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उद्देश्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया है।

क्या है संत रविदास स्वरोजगार योजना?

      संत रविदास स्वरोजगार योजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को स्वयं का व्यवसाय, उद्योग या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से युवाओं को बैंकों के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है तथा पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

कैसे करें आवेदन?

      योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र युवा अपने जिले के जिला अंत्यावसायी कार्यालय अथवा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, बैंक खाते का विवरण तथा प्रस्तावित व्यवसाय की परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाता है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर मजबूत कदम

      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित स्वरोजगार योजनाएं प्रदेश के युवाओं को आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। उद्देश्य मालवीय जैसे अनेक युवाओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो छोटे सपने भी बड़े व्यवसाय का रूप ले सकते हैं। सरकार की ऐसी योजनाएं न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रही हैं।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• सफलता की कहानी • संत रविदास स्वरोजगार योजना से उद्देश्य मालवीय बने आत्मनिर्भर युवा • अपने पिता के साथ मिलकर स्थापित किया आटा चक्की का बड़ा व्यवसाय ...... प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प के साथ अनेक जनकल्याणकारी स्वरोजगार योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को आसान ऋण, अनुदान और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इन्हीं योजनाओं में संत रविदास स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। सीहोर जिले के युवा श्री उद्देश्य मालवीय इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। उद्देश्य बताते हैं कि उनके पिता कई वर्षों से आटा चक्की का छोटा व्यवसाय करते थे, लेकिन सीमित पूंजी, पर्याप्त मशीनरी का अभाव और अच्छी लोकेशन पर दुकान न होने के कारण व्यवसाय का विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था। उद्देश्य चाहते थे कि आधुनिक मशीनें खरीदकर और बेहतर स्थान पर दुकान स्थापित कर इस पारिवारिक व्यवसाय को नई पहचान दें, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा थी। इसी दौरान उन्हें संत रविदास स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। उन्होंने सीहोर कलेक्ट्रेट स्थित जिला अंत्यावसायी कार्यालय में संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त की और आवेदन किया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 01 लाख 80 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस ऋण से उद्देश्य ने नई एवं आधुनिक आटा चक्कियां खरीदीं तथा बेहतर स्थान पर अपना व्यवसाय स्थापित किया। आज वे अपने पिता के साथ मिलकर सफलतापूर्वक व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और बेहतर ग्राहकों के कारण अब दोनों मिलकर लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उद्देश्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया है। क्या है संत रविदास स्वरोजगार योजना? संत रविदास स्वरोजगार योजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को स्वयं का व्यवसाय, उद्योग या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से युवाओं को बैंकों के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है तथा पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। कैसे करें आवेदन? योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र युवा अपने जिले के जिला अंत्यावसायी कार्यालय अथवा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, बैंक खाते का विवरण तथा प्रस्तावित व्यवसाय की परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाता है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर मजबूत कदम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित स्वरोजगार योजनाएं प्रदेश के युवाओं को आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। उद्देश्य मालवीय जैसे अनेक युवाओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो छोटे सपने भी बड़े व्यवसाय का रूप ले सकते हैं। सरकार की ऐसी योजनाएं न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रही हैं। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026

• प्रधान जिला न्यायाधीश ने भैरूंदा सब जेल का किया निरीक्षण

• जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों को नशामुक्ति के लिए किया प्रेरित

                   प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने भैरूंदा सब-जेल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जेल में नशामुक्ति एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

      उन्होंने बंदियों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशे की लत जीवन को बर्बाद कर देती है एवं कई अपराध नशे के कारण होते हैं। उन्होंने बंदियों से कहा कि यदि आप नशा छोड़ना चाहते हैं तो पूरे मन से संकल्‍प लें। इस अवसर पर सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने बंदियों को बताया कि यदि वे नशा छोड़ना चाहते हैं तो उनकी लत निशुल्क नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से छुड़ाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव उनकी मदद करेगा। इस दौरान उन्होंने नालसा डॉन स्कीम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

      शिविर में बंदियों के विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई, बंदियों से स्वास्थ्य की जानकारी ली गई एवं संपूर्ण जेल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बंदियों की समस्याओं को सुना और यथोचित निराकरण भी किया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश श्रीमती उषा तिवारी,  जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, जेल स्टॉफ एवं बंदीगण उपस्थित रहे।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• प्रधान जिला न्यायाधीश ने भैरूंदा सब जेल का किया निरीक्षण • जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों को नशामुक्ति के लिए किया प्रेरित प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने भैरूंदा सब-जेल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जेल में नशामुक्ति एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। उन्होंने बंदियों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशे की लत जीवन को बर्बाद कर देती है एवं कई अपराध नशे के कारण होते हैं। उन्होंने बंदियों से कहा कि यदि आप नशा छोड़ना चाहते हैं तो पूरे मन से संकल्‍प लें। इस अवसर पर सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने बंदियों को बताया कि यदि वे नशा छोड़ना चाहते हैं तो उनकी लत निशुल्क नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से छुड़ाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव उनकी मदद करेगा। इस दौरान उन्होंने नालसा डॉन स्कीम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। शिविर में बंदियों के विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई, बंदियों से स्वास्थ्य की जानकारी ली गई एवं संपूर्ण जेल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बंदियों की समस्याओं को सुना और यथोचित निराकरण भी किया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश श्रीमती उषा तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, जेल स्टॉफ एवं बंदीगण उपस्थित रहे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jun 26, 2026

• ग्रामीण नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के लिए गठित होंगी जल समितियां

• ग्राम पंचायत स्तर पर होगा जल समितियों का गठन, ग्रामीणों की भागीदारी से होगा योजनाओं का संचालन

                 ग्रामीण नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत जल समितियां गठित की जाएगी। ग्राम पंचायतों में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और योजनाओं के सुचारू संचालन के उद्देश्य से इन समितियों का गठन किया जाएगा।

 नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा की अनुशंसा एवं पंचायत की स्वीकृति के आधार पर जल समिति का गठन किया जाएगा। पेसा अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की अनुशंसा के आधार पर समिति गठित होगी। यदि किसी ग्राम पंचायत में पूर्व से नल जल योजना के संचालन एवं संधारण के लिए कोई समिति गठित है, तो उसका पुनर्गठन नए नियमों के अनुसार किया जाएगा। समिति गठन का आदेश पंचायत सचिव द्वारा जारी किया जाएगा।

 जल समिति में सरपंच पदेन अध्यक्ष होंगे, जबकि पंचायत सचिव समिति के पदेन सचिव रहेंगे। ग्राम रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता समिति के पदेन सदस्य होंगे। समिति में नामांकित सदस्यों की संख्या अधिकतम 20 होगी। ग्राम पंचायत के प्रत्येक वार्ड से एक व्यक्ति को समिति में सदस्य बनाया जाएगा, जो संबंधित उपभोक्ता परिवार से होना आवश्यक होगा। समिति में ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी 25 प्रतिशत रहेगी।

 जल समिति में महिलाओं को न्यूनतम 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन ग्राम पंचायत की जनसंख्या के अनुपात में किया जाएगा। लगातार तीन बैठकों में बिना उचित कारण एवं सूचना के अनुपस्थित रहने वाले सदस्य की सदस्यता समाप्त की जा सकेगी। ऐसे सदस्य के स्थान पर नियमानुसार नए सदस्य के नामांकन की अनुशंसा ग्राम पंचायत को की जाएगी। जल समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजनाओं की निगरानी, संचालन और संधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे ग्रामीणों को नियमित एवं बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• ग्रामीण नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के लिए गठित होंगी जल समितियां • ग्राम पंचायत स्तर पर होगा जल समितियों का गठन, ग्रामीणों की भागीदारी से होगा योजनाओं का संचालन ग्रामीण नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत जल समितियां गठित की जाएगी। ग्राम पंचायतों में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और योजनाओं के सुचारू संचालन के उद्देश्य से इन समितियों का गठन किया जाएगा। नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा की अनुशंसा एवं पंचायत की स्वीकृति के आधार पर जल समिति का गठन किया जाएगा। पेसा अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की अनुशंसा के आधार पर समिति गठित होगी। यदि किसी ग्राम पंचायत में पूर्व से नल जल योजना के संचालन एवं संधारण के लिए कोई समिति गठित है, तो उसका पुनर्गठन नए नियमों के अनुसार किया जाएगा। समिति गठन का आदेश पंचायत सचिव द्वारा जारी किया जाएगा। जल समिति में सरपंच पदेन अध्यक्ष होंगे, जबकि पंचायत सचिव समिति के पदेन सचिव रहेंगे। ग्राम रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता समिति के पदेन सदस्य होंगे। समिति में नामांकित सदस्यों की संख्या अधिकतम 20 होगी। ग्राम पंचायत के प्रत्येक वार्ड से एक व्यक्ति को समिति में सदस्य बनाया जाएगा, जो संबंधित उपभोक्ता परिवार से होना आवश्यक होगा। समिति में ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी 25 प्रतिशत रहेगी। जल समिति में महिलाओं को न्यूनतम 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन ग्राम पंचायत की जनसंख्या के अनुपात में किया जाएगा। लगातार तीन बैठकों में बिना उचित कारण एवं सूचना के अनुपस्थित रहने वाले सदस्य की सदस्यता समाप्त की जा सकेगी। ऐसे सदस्य के स्थान पर नियमानुसार नए सदस्य के नामांकन की अनुशंसा ग्राम पंचायत को की जाएगी। जल समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजनाओं की निगरानी, संचालन और संधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे ग्रामीणों को नियमित एवं बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jun 26, 2026

• विशाल जनजागरूकता रैली निकालकर दिया नशामुक्ति का संदेश

• हस्ताक्षर अभियान में हस्ताक्षर कर लिया गया नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प

                  सामाजिक न्याय विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर “नशा मुक्त भारत अभियान” अंतर्गत सीहोर में जनजागरूकता रैली एवं जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। यह जनजागरूकता रैली आवासीय खेलकूद संस्थान से प्रारंभ हुई और पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में रैली का समापन हुआ।

      इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि “नशा मुक्त भारत अभियान” का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को नशे की लत से दूर कर स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त समाज का निर्माण करना है। नशे के विरुद्ध जनभागीदारी ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। इस अवसर पर अतिथियों ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर सभी को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया और सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी ली।

      कार्यक्रम में नशा मुक्त भारत अभियान अंतर्गत 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। अभियान के दौरान मिनी मैराथन, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, चित्रकला, हस्ताक्षर अभियान, सेल्फी पॉइंट सहित अनेक जनजागरूकता गतिविधियां जिले की शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं में आयोजित की गई थीं। रैली में ऑक्सफोर्ड स्कूल बैंड द्वारा आकर्षक एवं प्रेरणादायी प्रस्तुति दी गई।

      कार्यक्रम में समाजसेवी श्रीमती अरुणा सुदेश राय, श्री सुदीप प्रजापति, आवासीय प्राचार्य श्री आलोक शर्मा श्री अंकुर शर्मा, सुश्री ओम शांति, सहायक संचालक श्री महेश यादव सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक शमिल हुए।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• विशाल जनजागरूकता रैली निकालकर दिया नशामुक्ति का संदेश • हस्ताक्षर अभियान में हस्ताक्षर कर लिया गया नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प सामाजिक न्याय विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर “नशा मुक्त भारत अभियान” अंतर्गत सीहोर में जनजागरूकता रैली एवं जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। यह जनजागरूकता रैली आवासीय खेलकूद संस्थान से प्रारंभ हुई और पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में रैली का समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि “नशा मुक्त भारत अभियान” का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को नशे की लत से दूर कर स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त समाज का निर्माण करना है। नशे के विरुद्ध जनभागीदारी ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। इस अवसर पर अतिथियों ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर सभी को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया और सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी ली। कार्यक्रम में नशा मुक्त भारत अभियान अंतर्गत 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। अभियान के दौरान मिनी मैराथन, नुक्कड़ नाटक, रंगोली, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन, चित्रकला, हस्ताक्षर अभियान, सेल्फी पॉइंट सहित अनेक जनजागरूकता गतिविधियां जिले की शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं में आयोजित की गई थीं। रैली में ऑक्सफोर्ड स्कूल बैंड द्वारा आकर्षक एवं प्रेरणादायी प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में समाजसेवी श्रीमती अरुणा सुदेश राय, श्री सुदीप प्रजापति, आवासीय प्राचार्य श्री आलोक शर्मा श्री अंकुर शर्मा, सुश्री ओम शांति, सहायक संचालक श्री महेश यादव सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक शमिल हुए। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jun 26, 2026

• सभी पात्र हितग्राहियों को मिले योजनाओं का लाभ - अध्यक्ष श्री रवि मालवीय

• पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम अध्यक्ष ने की स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा

                  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री रवि मालवीय ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना और मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने, ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने, योजनाओं के लक्ष्य बढ़ाने, छोटे एवं व्यवहारिक प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विधायक श्री सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर ने योजनाओं के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार और हितग्राहियों को लाभान्वित करने के संबंध में सुझाव दिए।

      अध्यक्ष श्री रवि मालवीय ने कहा कि गांव और वार्ड स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा पात्र युवाओं, महिलाओं एवं स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।

      बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में उद्योग क्षेत्र के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपए तथा सेवा एवं व्यवसाय इकाइयों के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपए तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। बैंक द्वारा वितरित ऋण पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक दिया जाता है। योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र आवेदक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

      बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री उद्यम योजना के लिए 40 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 13 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए, जिनमें से 10 प्रकरण स्वीकृत तथा 9 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है।

      बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के अंतर्गत छोटे स्वरोजगार कार्यों के लिए 10 हजार रुपए से 1 लाख रुपए तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना में बैंक ऋण पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक उपलब्ध कराया जाता है। योजना का लाभ 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे व्यक्तियों को दिया जाता है जो आयकरदाता नहीं हैं।

      वर्ष 2026-27 में स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 225 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 5 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए हैं, जिनमें से 2 प्रकरण स्वीकृत एवं 2 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, इछावर जनपद अध्यक्ष श्रीमती रेखा जगदीश पटेल, आष्टा जनपद अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा सोनू गुणवान, पिछड़ा वर्ग विभाग की सहायक संचालक श्रीमती दिव्या राय सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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• सभी पात्र हितग्राहियों को मिले योजनाओं का लाभ - अध्यक्ष श्री रवि मालवीय • पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम अध्यक्ष ने की स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री रवि मालवीय ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना और मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने, ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने, योजनाओं के लक्ष्य बढ़ाने, छोटे एवं व्यवहारिक प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विधायक श्री सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर ने योजनाओं के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार और हितग्राहियों को लाभान्वित करने के संबंध में सुझाव दिए। अध्यक्ष श्री रवि मालवीय ने कहा कि गांव और वार्ड स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा पात्र युवाओं, महिलाओं एवं स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक उद्यम योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में उद्योग क्षेत्र के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपए तथा सेवा एवं व्यवसाय इकाइयों के लिए 1 लाख से 25 लाख रुपए तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। बैंक द्वारा वितरित ऋण पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक दिया जाता है। योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र आवेदक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री उद्यम योजना के लिए 40 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 13 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए, जिनमें से 10 प्रकरण स्वीकृत तथा 9 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के अंतर्गत छोटे स्वरोजगार कार्यों के लिए 10 हजार रुपए से 1 लाख रुपए तक की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना में बैंक ऋण पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक उपलब्ध कराया जाता है। योजना का लाभ 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे व्यक्तियों को दिया जाता है जो आयकरदाता नहीं हैं। वर्ष 2026-27 में स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 225 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 5 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए हैं, जिनमें से 2 प्रकरण स्वीकृत एवं 2 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, इछावर जनपद अध्यक्ष श्रीमती रेखा जगदीश पटेल, आष्टा जनपद अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा सोनू गुणवान, पिछड़ा वर्ग विभाग की सहायक संचालक श्रीमती दिव्या राय सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jun 25, 2026

अपनी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के आसान से तरीके 2 गज दूरी,मास्क है जरूरी - Sehore Nagar News