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बालाघाट में माननीय कमलनाथ जी के आगमन पर किसान कांग्रेस द्वारा निकाली गई ट्रेक्टर यात्रा।

12.2k views | Balaghat, Balaghat | Jan 20, 2021

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#बालाघाट 
ग्राम चाचेरी में सुपर सीडर से डीएसआर पद्धति द्वारा धान की सीधी बुवाई का प्रदर्शन

किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दी गई जानकारी

      बालाघाट जिले में कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन में धान उत्पादन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से किसानों के बीच आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बालाघाट के ग्राम चाचेरी में सुपर सीडर मशीन की सहायता से डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति द्वारा धान की सीधी बुवाई का सफल प्रदर्शन किया गया।

     उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के किसानों को डीएसआर तकनीक के लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस पद्धति में धान की रोपाई के स्थान पर सीधे खेत में बीज की बुवाई की जाती है, जिससे श्रम, समय और सिंचाई जल की बचत होती है। साथ ही खेती की लागत कम होने के कारण किसानों की आय बढ़ाने में भी यह तकनीक सहायक सिद्ध हो रही है।

     प्रदर्शन के दौरान सुपर सीडर मशीन के संचालन की जानकारी देते हुए किसानों को बताया गया कि यह मशीन फसल अवशेषों के प्रबंधन के साथ-साथ बुवाई का कार्य भी करती है। इससे खेत में पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।

     कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि डीएसआर पद्धति अपनाने से धान की फसल में खरपतवार प्रबंधन, पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग तथा जल संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकता है। यह तकनीक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

      कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने सुपर सीडर मशीन द्वारा की गई बुवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया और तकनीक के संबंध में विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने इस नवाचार को उपयोगी बताते हुए आगामी खरीफ सीजन में इसे अपनाने में रुचि दिखाई।

      कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में इसी प्रकार के प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान नई तकनीकों का लाभ उठा सकें।
#minmpkrishi 
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP

#बालाघाट ग्राम चाचेरी में सुपर सीडर से डीएसआर पद्धति द्वारा धान की सीधी बुवाई का प्रदर्शन किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दी गई जानकारी बालाघाट जिले में कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन में धान उत्पादन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से किसानों के बीच आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बालाघाट के ग्राम चाचेरी में सुपर सीडर मशीन की सहायता से डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति द्वारा धान की सीधी बुवाई का सफल प्रदर्शन किया गया। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के किसानों को डीएसआर तकनीक के लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस पद्धति में धान की रोपाई के स्थान पर सीधे खेत में बीज की बुवाई की जाती है, जिससे श्रम, समय और सिंचाई जल की बचत होती है। साथ ही खेती की लागत कम होने के कारण किसानों की आय बढ़ाने में भी यह तकनीक सहायक सिद्ध हो रही है। प्रदर्शन के दौरान सुपर सीडर मशीन के संचालन की जानकारी देते हुए किसानों को बताया गया कि यह मशीन फसल अवशेषों के प्रबंधन के साथ-साथ बुवाई का कार्य भी करती है। इससे खेत में पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि डीएसआर पद्धति अपनाने से धान की फसल में खरपतवार प्रबंधन, पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग तथा जल संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकता है। यह तकनीक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने सुपर सीडर मशीन द्वारा की गई बुवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया और तकनीक के संबंध में विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने इस नवाचार को उपयोगी बताते हुए आगामी खरीफ सीजन में इसे अपनाने में रुचि दिखाई। कृषि विभाग ने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में इसी प्रकार के प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान नई तकनीकों का लाभ उठा सकें। #minmpkrishi #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

#बालाघाट 
अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम ने किया बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण

मरीजों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक, निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर

देवगांव में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया 

     अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने रविवार 07 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं हितग्राहियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

     निरीक्षण के दौरान श्री नेताम ने प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची अजगरा निवासी चमन पंचतिलक, पंड्रापानी निवासी दीपा तथा मानेगांव निवासी हेमवती बघेल से चर्चा कर संबल योजना के तहत प्राप्त लाभ, जननी सुरक्षा सहायता राशि तथा जननी एक्सप्रेस सेवा की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि गर्भवती महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं।

       श्री नेताम ने रोगी कल्याण समिति की बैठकों की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से मलेरिया नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मेडिकेटेड मच्छरदानियों के वितरण, वर्षा ऋतु में संभावित बीमारियों की रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

       निरीक्षण के दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा के निर्माणाधीन भवन का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को भवन निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप करने, नियमित तराई सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

      स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक के पश्चात श्री भगत सिंह नेताम ग्राम देवगांव पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। श्री नेताम ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

      कार्यक्रम में तहसीलदार राजू नामदेव, नायब तहसीलदार आर.एस. धुर्वे, डॉ. सुनील सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रकाश डहरवाल, सविता नंदन जायसवाल, चित्र कुमार ठाकरे, राधे तुरकर, यशवंत मांगरे, सुनील राहंगडाले, विजय वल्के, राजेंद्र राहंगडाले, जितेंद्र तेंभरे, लखन सिंह धुर्वे, दीपक धुर्वे, चंद्रकला केराम, दीपकिशोर मेरावी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जनसमस्याओं के समाधान एवं क्षेत्र के विकास के संकल्प के साथ हुआ।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#WelfareTribal

#बालाघाट अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम ने किया बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण मरीजों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक, निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर देवगांव में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री भगत सिंह नेताम ने रविवार 07 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं हितग्राहियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान श्री नेताम ने प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची अजगरा निवासी चमन पंचतिलक, पंड्रापानी निवासी दीपा तथा मानेगांव निवासी हेमवती बघेल से चर्चा कर संबल योजना के तहत प्राप्त लाभ, जननी सुरक्षा सहायता राशि तथा जननी एक्सप्रेस सेवा की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि गर्भवती महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं। श्री नेताम ने रोगी कल्याण समिति की बैठकों की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से मलेरिया नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मेडिकेटेड मच्छरदानियों के वितरण, वर्षा ऋतु में संभावित बीमारियों की रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा के निर्माणाधीन भवन का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को भवन निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप करने, नियमित तराई सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक के पश्चात श्री भगत सिंह नेताम ग्राम देवगांव पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। श्री नेताम ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में तहसीलदार राजू नामदेव, नायब तहसीलदार आर.एस. धुर्वे, डॉ. सुनील सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रकाश डहरवाल, सविता नंदन जायसवाल, चित्र कुमार ठाकरे, राधे तुरकर, यशवंत मांगरे, सुनील राहंगडाले, विजय वल्के, राजेंद्र राहंगडाले, जितेंद्र तेंभरे, लखन सिंह धुर्वे, दीपक धुर्वे, चंद्रकला केराम, दीपकिशोर मेरावी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जनसमस्याओं के समाधान एवं क्षेत्र के विकास के संकल्प के साथ हुआ। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #WelfareTribal

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

#बालाघाट 
खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती एवं डीएसआर तकनीक की दी गई जानकारी

लांजी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में आयोजित हुई कृषक चौपाल, 

पराली प्रबंधन और हरी खाद के उपयोग पर दिया गया प्रशिक्षण

     कृषि विभाग द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए विकासखंड लांजी के विभिन्न ग्रामों में कृषक चौपाल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि अभियान के अंतर्गत किसानों को डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक, पराली प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती के विभिन्न उपायों की जानकारी दी जा रही है।

      अभियान के तहत ग्राम कालीमाटी में कृषकों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जैविक कीटनाशक नीमास्त्र तैयार करने एवं उसके उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई करने की विधि एवं इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों को समझाया गया कि यह तकनीक श्रम, समय एवं सिंचाई जल की बचत करते हुए खेती की लागत कम करने में सहायक है।

     इसी क्रम में ग्राम पंचायत पानगांव में आयोजित कृषक चौपाल में ग्राम पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक की उपस्थिति में किसानों को पराली प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया गया। किसानों को डीएसआर खेती तकनीक के लाभ, ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था तथा कृषि विभाग के कार्यालयों में उपलब्ध खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों की जानकारी प्रदान की गई।

      वहीं ग्राम पंचायत झालीवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 18 कृषकों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को डीएसआर विधि से धान की खेती, सुपर सीडर एवं सीड ड्रिल मशीनों के उपयोग, हरी खाद के महत्व, नरवाई प्रबंधन तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को ढैंचा एवं सनई जैसी हरी खाद वाली फसलों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपाय बताए गए।

      कार्यक्रम में कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को एसएडीओ कार्यालय में उपलब्ध धान एवं अरहर बीजों की कीमत, अवधि, उम्र तथा उपलब्धता संबंधी जानकारी देकर प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।

     उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि विभाग द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minmpkrishi

#बालाघाट खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती एवं डीएसआर तकनीक की दी गई जानकारी लांजी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में आयोजित हुई कृषक चौपाल, पराली प्रबंधन और हरी खाद के उपयोग पर दिया गया प्रशिक्षण कृषि विभाग द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए विकासखंड लांजी के विभिन्न ग्रामों में कृषक चौपाल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि अभियान के अंतर्गत किसानों को डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक, पराली प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती के विभिन्न उपायों की जानकारी दी जा रही है। अभियान के तहत ग्राम कालीमाटी में कृषकों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जैविक कीटनाशक नीमास्त्र तैयार करने एवं उसके उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई करने की विधि एवं इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। किसानों को समझाया गया कि यह तकनीक श्रम, समय एवं सिंचाई जल की बचत करते हुए खेती की लागत कम करने में सहायक है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत पानगांव में आयोजित कृषक चौपाल में ग्राम पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक की उपस्थिति में किसानों को पराली प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया गया। किसानों को डीएसआर खेती तकनीक के लाभ, ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था तथा कृषि विभाग के कार्यालयों में उपलब्ध खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों की जानकारी प्रदान की गई। वहीं ग्राम पंचायत झालीवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 18 कृषकों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को डीएसआर विधि से धान की खेती, सुपर सीडर एवं सीड ड्रिल मशीनों के उपयोग, हरी खाद के महत्व, नरवाई प्रबंधन तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को ढैंचा एवं सनई जैसी हरी खाद वाली फसलों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपाय बताए गए। कार्यक्रम में कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को एसएडीओ कार्यालय में उपलब्ध धान एवं अरहर बीजों की कीमत, अवधि, उम्र तथा उपलब्धता संबंधी जानकारी देकर प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि विभाग द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

#बालाघाट 
गांव-गांव घूमकर अवैध धान बीज बेचने वालों पर कार्रवाई

बैहर थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

      किसानों को अवैध रूप से धान बीज बेचने और धोखाधड़ी करने के मामले में कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों के विरुद्ध बैहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

     अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीज निरीक्षक बैहर श्री एस.आर. धुर्वे ने बताया कि भिकेवाड़ा निवासी सानू पटले, भंडेरी निवासी पलक बिसेन तथा भोरवाही निवासी कुंजेलाल हिरवाने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 07 जून 2026 को बैहर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

     जानकारी के अनुसार कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर सानू पटले एवं उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि पलक बिसेन, कुंजेलाल हिरवाने के वाहन क्रमांक एमपी-50-जेडजी-6496 के माध्यम से भंडेरी, गोहारा, कासीटोला सहित विभिन्न गांवों में घूम-घूमकर विभिन्न कंपनियों के धान बीज का अवैध विक्रय कर रहे थे। कृषि विभाग को इसकी सूचना मिलने पर 01 जून 2026 को मंडेरी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन एवं धान बीज को जब्त कर लिया गया था।

     जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के किसानों को धान बीज बेचा जा रहा था, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।

     कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें तथा बीज खरीदते समय पक्का बिल एवं आवश्यक दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध बीज बिक्री की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minmpkrishi

#बालाघाट गांव-गांव घूमकर अवैध धान बीज बेचने वालों पर कार्रवाई बैहर थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किसानों को अवैध रूप से धान बीज बेचने और धोखाधड़ी करने के मामले में कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों के विरुद्ध बैहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीज निरीक्षक बैहर श्री एस.आर. धुर्वे ने बताया कि भिकेवाड़ा निवासी सानू पटले, भंडेरी निवासी पलक बिसेन तथा भोरवाही निवासी कुंजेलाल हिरवाने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 07 जून 2026 को बैहर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। जानकारी के अनुसार कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर सानू पटले एवं उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि पलक बिसेन, कुंजेलाल हिरवाने के वाहन क्रमांक एमपी-50-जेडजी-6496 के माध्यम से भंडेरी, गोहारा, कासीटोला सहित विभिन्न गांवों में घूम-घूमकर विभिन्न कंपनियों के धान बीज का अवैध विक्रय कर रहे थे। कृषि विभाग को इसकी सूचना मिलने पर 01 जून 2026 को मंडेरी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन एवं धान बीज को जब्त कर लिया गया था। जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के किसानों को धान बीज बेचा जा रहा था, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें तथा बीज खरीदते समय पक्का बिल एवं आवश्यक दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध बीज बिक्री की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

#बालाघाट 
धान की सीधी बुवाई एवं खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक चौपाल आयोजित

बीजामृत उपचार के साथ सुपर सीडर से की गई डीएसआर तकनीक द्वारा धान की बुवाई,

 किसानों को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी

      कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ खेती की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामों में जागरूकता एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 06 जून 2026 को विकासखंड के ग्राम चिल्लौद में किसान श्रीमती संध्या भुतेकर के खेत पर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान धान के बीज को प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण तकनीक बीजामृत से उपचारित किया गया। इसके पश्चात सुपर सीडर मशीन की सहायता से धान की उन्नत किस्म जेआर-81 की बुवाई हरी खाद फसल ढैंचा के साथ एक एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक की गई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक आधुनिक एवं जल संरक्षण आधारित पद्धति है, जिससे श्रम, समय और लागत में कमी आती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है।

     कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि धान के साथ ढैंचा की बुवाई करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। ढैंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में जैविक तत्वों एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर फसल को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है।

      इसी दिन खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम चांगोटोला में कृषक चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में किसानों के साथ नरवाई प्रबंधन, डीएसआर तकनीक, हरी खाद के रूप में ढैंचा का उपयोग, खरपतवार प्रबंधन तथा एजोला के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

      कृषि अधिकारियों ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका वैज्ञानिक प्रबंधन करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है। किसानों को एजोला के उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह जैविक नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है, जो धान की खेती में पोषक तत्वों की पूर्ति कर उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है।

      चौपाल में उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी जानकारी और प्रदर्शन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए इन नवाचारों को अपनाने की इच्छा व्यक्त की। कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाकर लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

     इस प्रकार आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

#CMMadhyaPradesh 
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#बालाघाट धान की सीधी बुवाई एवं खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक चौपाल आयोजित बीजामृत उपचार के साथ सुपर सीडर से की गई डीएसआर तकनीक द्वारा धान की बुवाई, किसानों को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ खेती की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामों में जागरूकता एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 06 जून 2026 को विकासखंड के ग्राम चिल्लौद में किसान श्रीमती संध्या भुतेकर के खेत पर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान धान के बीज को प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण तकनीक बीजामृत से उपचारित किया गया। इसके पश्चात सुपर सीडर मशीन की सहायता से धान की उन्नत किस्म जेआर-81 की बुवाई हरी खाद फसल ढैंचा के साथ एक एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक की गई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक आधुनिक एवं जल संरक्षण आधारित पद्धति है, जिससे श्रम, समय और लागत में कमी आती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि धान के साथ ढैंचा की बुवाई करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। ढैंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में जैविक तत्वों एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर फसल को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसी दिन खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम चांगोटोला में कृषक चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में किसानों के साथ नरवाई प्रबंधन, डीएसआर तकनीक, हरी खाद के रूप में ढैंचा का उपयोग, खरपतवार प्रबंधन तथा एजोला के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका वैज्ञानिक प्रबंधन करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है। किसानों को एजोला के उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह जैविक नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है, जो धान की खेती में पोषक तत्वों की पूर्ति कर उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है। चौपाल में उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी जानकारी और प्रदर्शन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए इन नवाचारों को अपनाने की इच्छा व्यक्त की। कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाकर लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। इस प्रकार आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026