अग्निवीर विजय सुवालका का गांव में हुआ वीरों जैसा स्वागत, देशसेवा के जज्बे को मिला सम्मान
बेंगलुरु में सेना की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार पैतृक गांव पहुंचे विजय, जुलूस निकालकर किया अभिनंदन
भीलवाड़ा( महेन्द्र नागौरी) जिले की मांडल तहसील स्थित पीथास गांव के 19 वर्षीय युवा विजय सुवालका के भारतीय सेना के अग्निवीर के रूप में चयन के बाद छह माह की कठिन सैन्य ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूर्ण कर पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। गांव में विजय के सम्मान में जुलूस निकाला गया, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। पूरे गांव में देशभक्ति और गौरव का माहौल देखने को मिला।
विजय सुवालका, राजेश सुवालका के पुत्र हैं। अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में सफलता प्राप्त करने के बाद उनका चयन कोटा में आयोजित फिजिकल टेस्ट के माध्यम से हुआ था। चयन के उपरांत उन्हें भारतीय सेना के एएससी सेंटर नॉर्थ, इजीपुरा (बेंगलुरु, कर्नाटक) में छह माह की कठोर सैन्य ट्रेनिंग के लिए भेजा गया, जिसे उन्होंने सफलता पूर्वक पूर्ण किया।
गांव आगमन पर विजय ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत, अनुशासित जीवनशैली और कठिन प्रशिक्षण को दिया। उन्होंने बताया कि अग्निवीर बनने के लिए महीनों तक कठिन शारीरिक अभ्यास, लंबी दौड़, फिटनेस प्रशिक्षण और नियमित तैयारी करनी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारतीय सेना में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।
विजय के स्वागत के लिए गांव के युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने उन्हें गांव और क्षेत्र का गौरव बताते हुए देशसेवा के उनके संकल्प की सराहना की। दिनभर उनके निवास पर शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा और परिजनों को भी बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा।
ग्रामीणों ने कहा कि विजय की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी सफलता से अन्य युवाओं को भी सेना में भर्ती होकर देशसेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलेगी। विजय सुवालका ने युवाओं से लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास को सफलता की कुंजी बताते हुए देशहित में कार्य करने का संदेश दिया।