अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन का शुभारंभ
भरतपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, विद्यालय शिक्षा भरतपुर का दो दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन शुक्रवार को कृष्णा नगर स्थित बजाज पैलेस मैरिज होम में शुरू हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महासंघ के जिला अध्यक्ष मानसिंह शेरगढ़ ने की, जबकि संयुक्त निदेशक, संभाग भरतपुर संगीता मानवी मुख्य अतिथि रहीं।
उद्घाटन सत्र में ‘संत रविदास का 650वां प्राकट्य दिवस’ विषय पर मुख्य वक्ता प्रांत बौद्धिक शिक्षा प्रमुख सुरेश कुंतल ने संत रविदास के जीवन, सामाजिक परिस्थितियों और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता के ध्वजवाहक थे। वे निर्गुण ब्रह्म के उपासक थे, जबकि उनके गुरु रामानंद सगुण भक्ति के उपासक थे। उन्होंने संत रविदास के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सामाजिक भेदभाव समाप्त करने और समरस समाज के निर्माण का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि संगीता मानवी ने कहा कि देश में सोए हुए शिक्षक से अधिक जागे हुए चाणक्य की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारवान, चरित्रवान और सुयोग्य नागरिक बनाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी को देशभक्ति के संस्कार देने के साथ सही और गलत की पहचान करना सिखाएं। शिक्षक का संवेदनशील होना भी आवश्यक है।
द्वितीय सत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष रामनरेश राठौर ने ‘प्रभावी प्रार्थना सभा एवं अपना विद्यालय-अपना तीर्थ’ विषय पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यालयों में प्रार्थना सभा को रुचिकर और प्रभावशाली बनाने के लिए दोहा, सूक्ति, सरस्वती वंदना, समूहगान, बोध कथा, समाचार-पत्र वाचन, प्रेरक प्रसंग, कविता पाठ एवं संगीत यंत्रों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रार्थना सभा से विद्यार्थियों के मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है तथा उनके संस्कार और चरित्र का निर्माण होता है।
राठौर ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाने के लिए साफ-सफाई, साज-सज्जा, वृक्षारोपण तथा बाग-बगीचों के विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि महासंघ द्वारा ‘संस्कार सरिता’ पुस्तक वितरण एवं ‘एक शिक्षक-एक वृक्ष’ अभियान के माध्यम से विद्यालय विकास में योगदान देने का प्रयास किया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि डाइट प्रधानाचार्य नीलमणि चौधरी ने शिक्षकों से विद्यालयों में ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ शिक्षण कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक अपने कर्म और कर्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करते हैं, उन्हें समाज में सम्मान प्राप्त होता है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला अध्यक्ष मानसिंह शेरगढ़ ने सभी अतिथियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा भरतपुर जिले का प्रमुख शिक्षक संगठन है और शिक्षक समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि संगठन वेतन विसंगति, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति एवं स्थानांतरण, बीसीआई पदनाम एवं ग्रेड पे में बदलाव, संविदा कार्मिकों को स्थायी करने, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पद सृजन, नवक्रमोन्नत विद्यालयों में पद स्वीकृति तथा स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र लागू कराने जैसे मुद्दों को लेकर प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री अनूप पाराशर ने किया। सम्मेलन में महेंद्र सिंह चौधरी, भूदेव प्रसाद शर्मा, महेशचंद्र शर्मा, ओमप्रकाश खूंटैला, दीनदयाल शर्मा, कमलसिंह तंवर, सतेन्द्र गोदारा, पदम सिंह अजान, भूपेंद्र इंदौलिया, ओमकुमार शर्मा, गजेन्द्र सिंह हथैनी, गजेन्द्र जघीना, लोकेश फौजदार, जीतप्रताप सिंह, महेंद्र पाल सिंह, राकेश शर्मा, प्रवीण कंसल, अशोक आर्य, गौरीशंकर पाण्डेय, प्रहलाद सिंह, गौरव सैनी, सुरेन्द्र सिंह, मनीष भारद्वाज, गिरधर सिंह, अलका सिंह, पुष्पा शर्मा, निर्मला, सविता फौजदार, सुनीता चाहर, ट्विंकल बंसल, राजकुमारी, सत्यप्रकाश, राघवेन्द्र उपाध्याय, सत्यप्रकाश वैर, राम सिंह गुर्जर, राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
Weir, Bharatpur | Sep 19, 2026