कम मानदेय और भुगतान में देरी से नाराज रसोइया बहनें पहुंचीं कलेक्ट्रेट
13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, एक सप्ताह में निराकरण के आश्वासन पर टली हड़ताल
देवास। कम मानदेय, भुगतान में देरी और काम के बढ़ते बोझ से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिलेभर की महिला रसोइया एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ एवं एमडीएम-सांझा चूल्हा रसोइया संघ के बैनर तले महिलाओं ने रैली निकालकर नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
संघ जिलाध्यक्ष ज्योति अर्जुन बैरागी ने कहा कि महिलाएं लंबे समय से आंगनवाड़ी, पूरक पोषण आहार और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का काम कर रही हैं, लेकिन सीमित मानदेय, बढ़ती लागत और भुगतान में देरी के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में मध्यान्ह भोजन और आंगनवाड़ी योजना की राशि हर माह समय पर जारी करने तथा लंबित भुगतान कराने, आंगनवाड़ी रसोइयों का 500 रुपए मासिक मानदेय बढ़ाने और मध्यान्ह भोजन रसोइयों को 10 की बजाय 12 माह का मानदेय देने की मांग प्रमुख रही। पूरक पोषण आहार की लागत व खाद्यान्न मात्रा बढ़ाने, आंगनवाड़ी के लिए पर्याप्त ईंधन-परिवहन राशि और स्कूलों में गैस की उपलब्धता व बुकिंग व्यवस्था आसान करने की मांग भी रखी गई।
रसोइयों ने ड्रेस के लिए प्रतिवर्ष 1,000 रुपए देने, बच्चों की जूठी थालियां साफ करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी अथवा अतिरिक्त मानदेय देने तथा कम बच्चों की संख्या के आधार पर लंबे समय से कार्यरत अनुभवी रसोइयों को हटाने पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही समूहों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत, अनुबंध नवीनीकरण की अवधि पांच वर्ष करने और ई-केवाईसी व पोर्टल संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानी रोकने की मांग की गई।
महिलाओं ने यह शिकायत भी उठाई कि जायज मांगों के लिए आवाज उठाने पर अनुबंध समाप्त करने या किसी अन्य को काम देने की धमकी दिए जाने के मामले सामने आते हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर हुई कार्रवाई की जानकारी संगठन को उपलब्ध कराने की मांग की गई।
प्रशासन की ओर से एक सप्ताह में समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिए जाने के बाद संघ ने प्रस्तावित हड़ताल फिलहाल टाल दी। प्रदर्शन में जिलेभर से बड़ी संख्या में महिला रसोइया और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं।