भिवानी को सूखाग्रस्त घोषित कर स्पेशल गिरदावरी हो, किसानों को मुआवजा दे सरकार : दीपेन्द्र हुड्डा
बोले- साढ़े 12 साल में भिवानी को नहीं मिली कोई बड़ी नई विकास परियोजना, सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप
भिवानी, 13 सितंबर (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भिवानी में आयोजित शहरी ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर किसानों और विकास के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण भिवानी में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने सरकार से भिवानी को सूखाग्रस्त घोषित करने, स्पेशल गिरदावरी करवाने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
दीपेन्द्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के करीब साढ़े 12 वर्षों के कार्यकाल में भिवानी के विकास के लिए कोई नई बड़ी परियोजना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान नए स्कूल, अस्पताल और यूनिवर्सिटी बनाने के बजाय भाजपा के आलीशान कार्यालय जरूर बने हैं।
‘देश-प्रदेश का विकास नहीं, भाजपा के बैंक अकाउंट का विकास हुआ’
कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर आर्थिक मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आर्थिक स्थिति खराब हुई है, जबकि भाजपा की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे राजनीतिक कार्यकाल के बावजूद पार्टी के खाते में सीमित धनराशि है, जबकि भाजपा के खाते में हजारों करोड़ रुपये घोषित रूप से जमा हैं।
उन्होंने कहा कि “विकास हुआ तो भाजपा के बैंक अकाउंट और कैश का विकास हुआ।”
हरियाणा सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
दीपेन्द्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे, जबकि दूसरे चुनावी राज्यों में जाकर बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों को किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी घेरा
उन्होंने सफाई कर्मचारियों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार के पास सफाई कर्मचारियों को देने के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 27 हजार सफाई कर्मचारियों को लगाया गया था और उन्हें पक्का करने की नीति बनाई गई थी, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी सही ठहराए जाने का दावा किया।
सम्मेलन के दौरा