पूर्वानुमान लगाते हैं। किसान छगन कुशवाह और दयानंद पाटीदार ने बताया कि अक्षय तृतीया पर मटकी को पानी से पूरा भरकर उसमें खेत की मिट्टी के ढेले चारों कोनों में रखे जाते हैं तथा नीचे अनाज रखा जाता है। इसके बाद वर्षा ऋतु के चार माह के नाम निर्धारित किए जाते हैं। मान्यता के अनुसार, यदि मटकी में रखे मिट्टी के ढेले धंस जाते हैं तो उस माह में अच्छी बारिश होने का संके