नाव के सहारे स्कूल पहुंच रहे मासूम बच्चे, हादसे का बना रहता है डर
झाड़ोदा में शिक्षा के लिए मासूम बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।... झाड़ोदा पंचायत टापुर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 7 से 8 बच्चे प्रतिदिन टूटी-फूटी नाव के सहारे डील नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार झाड़ोदा गुर्जर बस्ती से बच्चे मूल गांव झाड़ोदा स्थित स्कूल में पढ़ने आते हैं। स्कूल जाने के रास्ते में डील नदी पड़ती है, जिसे पार करने के लिए बच्चों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। सामने आए वीडियो में छात्र-छात्राएं स्कूल बैग लेकर नाव में बैठकर नदी पार करते दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि टूटी नाव से नदी पार करते समय हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बच्चों को छोड़ने और लेने के लिए कई बार माता-पिता को भी आना पड़ता है, जिससे उनका समय और रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि अभयपुरा से झाड़ोदा तक सड़क निर्माण हो जाए तो बच्चों का आवागमन काफी सुगम हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण के साथ बच्चों के सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की अपील है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करे।