अनुच्छेद 21 के तहत मानसिक स्वास्थ्य भी गरिमापूर्ण जीवन का अभिन्न अंग: तृप्ति सोनी
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शासकीय विधि महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के प्रावधानों से विद्यार्थियों को कराया अवगत
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खरगोन 10 अक्टूबर 2026। शासकीय विधि महाविद्यालय, खरगोन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में विशेष विधिक जागरूकता एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह मंडलोई ने।
मुख्य वक्ता सुश्री तृप्ति सोनी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण विधिक एवं मानवाधिकार का मुद्दा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार में मानसिक स्वास्थ्य भी शामिल है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के उपचार, पुनर्वास, गरिमा एवं गोपनीयता की रक्षा तथा अमानवीय व्यवहार से संरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और सामाजिक झिझक दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मानसिक संतुलन एवं संवेदनशीलता जरूरी
प्राचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह मंडलोई ने कहा कि विधिक क्षेत्र में सफल होने के लिए कानूनी ज्ञान के साथ मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन और संवेदनशीलता भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दबाव के बीच अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा एक-दूसरे के प्रति सहयोग और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री शिवांगी निराले ने किया तथा अंत में सुश्री तृप्ति जायसवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री चंद्रभान त्रिवेदी, डॉ. पी.एल. जमरा, श्री राजेश बालके, श्री प्रकाश बघेल, श्री महेश कलमे, श्री सदाशिव कलमे सहित विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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