बिहार के कटिहार में एक युवती को मुस्लिम युवक से प्रेम हो गया। दोनों घर से भाग गए। पुलिस जब उन्हें ढूंढकर वापस लाई, तो युवती ने अपने माता-पिता को पहचानने तक से इनकार कर दिया।
इसके बाद पिता ने बेटी का पुतला बनवाकर पूरे मोहल्ले में उसकी अर्थी निकाली और अंतिम संस्कार कर दिया। घर लौटने के बाद उन्होंने श्राद्ध कर्म भी कराया। पिता का कहना है, "मेरी बेटी अब मेरे लिए मर चुकी है।"
दरअसल, एक साल पहले 10वीं की कोचिंग में लड़की की मुलाकात गांव के ही एक मुस्लिम युवक से हुई। बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा तो दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों के घर के बीच 3 किमी की दूरी है।
10वीं की परीक्षा खत्म होने के बाद युवती ने कोचिंग जाना बंद कर दिया, जिससे दोनों की मुलाकात भी रुक गई। बाद में 11वीं में दाखिला लेने के बाद उसने फिर से कोचिंग जाना शुरू किया और दोनों के बीच संपर्क दोबारा होने लगा।
12 मई को युवती कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजन ने रौतारा थाना में गुमशुदगी की सूचना दी।
आवेदन में लड़की के लापता होने की बात लिखी गई थी। FIR दर्ज करने के 5 दिन बाद रौतारा पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। दोनों को कटिहार कोर्ट परिसर लाया गया।
कोर्ट में बयान के दौरान लड़की ने अपने माता-पिता को पहचानने तक से इनकार कर दिया। लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल लड़की लड़के के पास रह रही है।
Hardoi, Hardoi | Jun 2, 2026