माननीय प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक संपन्न।
जमुई: आज समाहरणालय स्थित सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक माननीय प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी एवं इस समिति के सम्मानित सदस्यों ने सहभागिता की।
बैठक का शुभारंभ जिला पदाधिकारी द्वारा माननीय प्रभारी मंत्री, समिति के सम्मानित सदस्यों एवं सभी पदाधिकारियों के आत्मीय स्वागत के साथ किया गया। तत्पश्चात, समिति की गत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन प्रतिवेदन की क्रमवार गहन समीक्षा की गई।
जमुई जिला में गिरते भू-जल स्तर की समस्या के स्थायी समाधान हेतु विचार-विमर्श के दौरान माननीय प्रभारी सचिव ने सिकंदरा प्रखंड में शीघ्र ही सरफेस वाटर प्लांट स्थापित करने की बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संयंत्र के क्रियान्वयन से सिकंदरा क्षेत्र में पेयजल एवं जल संकट की समस्या का सम्यक समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
बैठक के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा अपर बदुआ जलाशय परियोजना के पुनर्निर्माण तथा अपर किऊल एवं अपर कैंडीह वितरणी जलाशय परियोजनाओं के जीर्णोद्धार का विषय प्रमुखता से उठाया गया। इस संबंध में कार्यपालक अभियंता, झाझा द्वारा अवगत कराया गया कि मई 1985 में अपर बदुआ जलाशय योजना का बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। तत्पश्चात वर्ष 2017 में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा किए गए निरीक्षण के आलोक में नई तकनीकी संरचना का सुझाव दिया गया था। वर्तमान में बांध सुरक्षा प्रकोष्ठ एवं केंद्रीय रूपांकन संगठन के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण एवं सुझाव हेतु मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन के माध्यम से पत्राचार कर विशेषज्ञ दल के गठन का अनुरोध किया गया है।
इसी क्रम में सिंचाई प्रमंडल जमुई के कार्यपालक अभियंता ने सूचित किया कि अपर किऊल जलाशय परियोजना के अंतर्गत 0.00 कि०मी० से 08.53 कि०मी० तक का लाईनिंग कार्य द्रुत गति से प्रगति पर है, जिसे जनवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त कैंडीह वितरणी का जीर्णोद्धार कार्य V G रामजी योजना के तहत प्रगति पर है। वहीं, बरनार जलाशय परियोजना की प्रगति एवं भू-अर्जन की सुगम एवं पारदर्शी प्रक्रिया के संबंध में जिला पदाधिकारी द्वारा माननीय प्रभारी मंत्री को विस्तार से अवगत कराया गया।
विद्युत प्रमंडल की समीक्षा के दौरान कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल,जमुई द्वारा खैरा प्रखंड के नौडीहा गांव में 11 के०वी० तार के एलाइनमेंट परिवर्तन हेतु सर्वे कार्य पूर्ण होने तथा अलीगंज प्रखंड के कैयार ग्राम में नवीन ट्रांसफार्मर को उर्जान्वित कर विद्युत आपूर्ति बहाल किए जाने की जानकारी माननीय प्रभारी मंत्री को दी गई। साथ ही उनके द्वारा यह भी बताया गया कि ग्राम ताजपुर में 63 के०वी० के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 100 के०वी० कर दिया गया है। माननीय प्रभारी मंत्री ने विद्युत विभाग को जिले के सभी खराब ट्रांसफार्मर के साथ साथ और भी अतिरिक्त आवश्यकता का आकलन कर उसकी सूची तैयार कर विभाग प्राथमिकता के आधार पर भेजने का निर्देश दिया ।
सड़क सुरक्षा एवं जन-सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से जिले को अतिक्रमण मुक्त बनाने हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियानों की समीक्षा की गई। माननीय प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि सड़कों के किनारे अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जाए। पुलिस अधीक्षक एवं जिला पदाधिकारी ने माननीय प्रभारी मंत्री को जिला प्रशासन के आगामी अतिक्रमण मुक्त अभियान को और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से चलाने की कार्ययोजना से अवगत कराया।
आज के इस बैठक में माननीय प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन के दैनिक जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े विभागों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समिति सदस्यों से विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे जनहित के विषयों पर पूर्ण तैयारी के साथ सहभागिता करने की अपील की। इस संदर्भ में जिला पदाधिकारी ने समिति के सदस्यों को छात्रों के समस्याओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता से अवगत कराते हुए बताया कि " गुणवता शिक्षा और छात्रों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है ,और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के पारदर्शी निवारण हेतु राज्य सरकार द्वारा 'विशेष सहयोग पोर्टल' विकसित किया जा रहा है।
बैठक के समापन संबोधन में माननीय प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन के अनुपालन प्रतिवेदन एवं कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए औपचारिक बैठकों का इंतजार किए बिना समस्याओं का त्वरित एवं पूर्व-समन्वय बनाकर समाधान किया जाए। उन्होंने समिति सदस्यों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आपस में बेहतर तालमेल स्थापित कर कार्य करने का परामर्श दिया। साथ ही सदस्यों को सुझाव दिया कि वे स्थानीय समस्याओं के संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय पर लिखित आवेदन देकर उसकी प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके और जमुई जिला विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे।
Khaira, Jamui | Aug 14, 2026