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Manoj Kumar

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जमुई: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आज जमुई जिले के तीन प्रखंड जिसमें जमुई लक्ष्मीपुर एवं गिद्धौर के समस्त पंचायत भवन में विधिक सेवा केंद्र का संचालन प्रारंभ किया गया। 
प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता तथा पारा विधिक सेवक अपने अपने पंचायत में जागरूकता शिविर आम लोगों को निशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक परामर्श का कार्य किया। आम जनों को निशुल्क विधिक सहायता देने के लिए तथा उनके कानूनी अधिकार के संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए विधिक सहायता केंद्र की स्थापना एकल खिड़की के रूप में की गई है। लोगों को निशुल्क सलाह देकर उनके आवेदनों का लेखन तथा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर जन उपयोगी योजनाओं का लाभ दिलाना भी विधिक सेवा केंद्र का महत्वपूर्ण कार्य का अंग है। लोगों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लाभ के संबंध में भी उन्हें बताया गया। पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता अधिवक्ता आवेदन नोटिस का मसौदा इत्यादि का कार्य भी विधिक सेवा केंद्र से किया जाएगा। विधिक सेवा केंद्र में प्रत्येक रविवार एवं सरकारी छुट्टियों के दिन पैनल अधिवक्ता तथा पारा विधिक सेवक अपने-अपने दिए गए पंचायत भवन में कार्य संपादित करेंगे। लोगों के द्वारा न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के रूप में न्यायालय के इस पहल को उम्मीद की एक नई किरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें समाज के वंचित लोगों को उनके अधिकार के संरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
जमुई में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ, कलाकारों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

जमुई। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, जमुई का शुभारंभ रविवार को चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय, जमुई में किया गया। केंद्र का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने किया।
उद्घाटन के दौरान डीएम ने कहा कि आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र जिले की कला प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। केंद्र में शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य तथा तबला, ढोलक, हारमोनियम सहित विभिन्न वाद्य यंत्रों का निःशुल्क प्रशिक्षण नवोदित कलाकारों को दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए 6 वर्ष से अधिक आयु के इच्छुक लोग नामांकन करा सकते हैं।
डीएम ने कहा कि विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में जिले के कलाकारों की प्रतिभा को नई पहचान मिलेगी। आर्थिक कठिनाइयों और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसी प्रतिभा का विकास बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमुई में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर जिले को नई गति देने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि कला और रचनात्मक गतिविधियां मानव मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे संस्थानों और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा मिलने से युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने नवोदित कलाकारों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अपनी रुचि और व्यक्तित्व की विशेषताओं को पहचानकर सही दिशा में मेहनत करने से सफलता हासिल की जा सकती है।
आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के शुरू होने से जमुई जिले के कला एवं संगीत के क्षेत्र में रुचि रखने वाले बच्चों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। बिहार के अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्रों के माध्यम से संगीत, नृत्य और वादन की प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देने की पहल की जा रही है।
जमुई में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ, कलाकारों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण

जमुई। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, जमुई का शुभारंभ रविवार को चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय, जमुई में किया गया। केंद्र का विधिवत उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने किया।
उद्घाटन के दौरान जिला पदाधिकारी ने आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य तथा वाद्य वादन जैसे तबला, ढोलक और हारमोनियम का निःशुल्क प्रशिक्षण नवोदित कलाकारों को दिया जाएगा। 6 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति यहां नामांकन कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ शिक्षकों के सान्निध्य में कलाकारों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जाएगा। आर्थिक विषमताओं और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण जिले की सांस्कृतिक प्रतिभाओं की प्रगति बाधित न हो, इसके लिए यह प्रशिक्षण केंद्र महत्वपूर्ण पहल है। इससे जमुई के कलाकारों को बेहतर कला प्रशिक्षण के लिए जिले से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें बिना किसी शुल्क के अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलेगा।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जमुई परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और जिला प्रशासन जिले को नई गति देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से समाज में सकारात्मक माहौल बनेगा।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी रचनात्मक ऊर्जा और प्रतिभा से भरपूर है। उसे सही दिशा देने के लिए शिक्षा के साथ-साथ कलात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है। इससे नई पीढ़ी को संस्कारवान एवं सुसंस्कृत नागरिक बनाने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन के अवसर पर जिला पदाधिकारी ने नवोदित कलाकारों से संवाद करते हुए उन्हें मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अपनी रुचि और व्यक्तित्व की विशेषताओं को पहचानकर इच्छित क्षेत्र में निरंतर प्रयास करने से सफलता हासिल की जा सकती है।
आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ से जिले के कला प्रेमियों और उभरते कलाकारों में उत्साह का माहौल है। केंद्र के माध्यम से जमुई की स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला निखारने के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है।
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खैरा प्रखंड अंतर्गत जतर गांव में  न्यूज़ कवरेज करने के दौरान स्कूली बच्चों के साथ यादगार फोटो
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राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय जमुई में 24 घंटे के राष्ट्रीय 'तेजस इंडिया हैकथन' का भव्य समापन। देश भर की 30 शीर्ष टीमों ने तकनीकी कौशल व नवाचार का किया प्रदर्शन।

जमुई: युवाओं में स्वरोजगार, तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्टार्टअप इंडिया के तत्वावधान में आयोजित 'तेजस इंडिया हैकथन' का भव्य और सफल आयोजन आज राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई के प्रांगण में संपन्न हुआ। युवाओं में स्वरोजगार, तकनीकी नवाचार और मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टार्टअप इंडिया के तत्वावधान में आयोजित 'तेजस इंडिया हैकथन' का भव्य एवं सफल समापन आज राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई के प्रांगण में हुआ। 24 घंटे तक चले इस निरंतर मैराथन हैकथन में देशभर से 260 से अधिक पंजीकृत टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। बहुस्तरीय और कड़े चयन चरणों से गुजरने के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 30 टीमों ने फाइनल मुकाबले में जगह बनाई और अपनी नवोन्मेषी समाधानों, तकनीकी मॉडलों एवं प्रारूपों को प्रस्तुत किया।

 इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों सहित पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड और आईआईटी पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के होनहार छात्र-छात्राओं ने अपनी बौद्धिक एवं तकनीकी क्षमता का असाधारण प्रदर्शन करते हुए दैनिक जीवन की व्यावहारिक समस्याओं के अत्यंत प्रभावी एवं नवीन समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष सत्र में 'स्टार्टअप बिहार' के अंतर्गत 'यू इनवॉल्व, रियल टाइम इमेज, एआर/वीआर' (You Involve, Real Time Image, ARVR) के सफल उद्यमी ने अपनी प्रेरणादायक व्यावसायिक यात्रा साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलने और एआर/वीआर जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उपस्थित प्रतिभागियों में उद्यमिता के प्रति एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।

24 घंटे के निरंतर कड़े मुकाबले और विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के सूक्ष्म मूल्यांकन के उपरांत प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छह टीमों का चयन किया गया। इसमें 'कोड क्राफ्टर्स' (Code Crafters) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि 'एज फोर्ज' (Edge Forge) द्वितीय और 'क्वांटम माइंड्स' (Quantum Minds) तृतीय स्थान पर रहे। इसके अतिरिक्त 'लिगेसी कोडर्स' (Legacy Coderz) ने चतुर्थ, 'एग्जो हंटर' (Exo Hunter) ने पंचम तथा 'सिंगुलैरिटी' (Singularity) ने षष्टम स्थान हासिल कर अपनी उत्कृष्टता साबित की।

समापन व पुरस्कार वितरण समारोह में जिला प्रशासन की ओर से जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार, कार्यपालक अभियंता (जल संसाधन विभाग) एवं महाप्रबंधक (जिला उद्योग केंद्र) सहित संस्थान के प्राचार्य और प्राध्यापकों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासनिक अधिकारियों एवं अतिथियों ने विजेता तथा प्रतिभागी टीमों को सम्मानित करते हुए उनके अभिनव विचारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। 

अधिकारियों ने युवाओं को भविष्य में नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह भव्य आयोजन जमुई जिले के शैक्षणिक, तकनीकी एवं औद्योगिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=जमुई nis:value=जमुई nis:enabled=true nis:link/> में भव्य सोलर मेला, डीएम ने रूफटॉप सोलर अपनाने की अपील
<nis:link nis:type=tag nis:id=जमुई nis:value=जमुई nis:enabled=true nis:link/> “खैरा प्रखंड के पारसी क्षेत्र में डीएम नवीन कुमार अधिकारियों के साथ निरीक्षण पर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ बच्चों के हाथों में माचिस की डिब्बी का कागज देखकर डीएम को ताश के पत्ते जैसा लगा, जिसके बाद उन्होंने बच्चों से बातचीत की।”
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वज्रपात से मृत व्यक्ति के आश्रित को जिला पदाधिकारी द्वारा ₹4.00 लाख की आपदा अनुग्रह राशि प्रदान।

जमुई : आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के जन-कल्याणकारी प्रावधानों के अंतर्गत आज जिला पदाधिकारी द्वारा खैरा अंचल अंतर्गत ग्राम सिमरा (पोस्ट-खड़ाइच) निवासी स्व. सत्यनारायण पासवान (पिता- स्वर्गीय नन्दलाल पासवान) की वज्रपात से हुई दुखद मृत्यु के उपरांत उनकी धर्मपत्नी एवं निकटतम आश्रित श्रीमती गीता देवी को ₹4,00,000/- (चार लाख रुपये) का अनुग्रह अनुदान चेक प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि गत 05 अगस्त 2026 को वज्रपात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में सत्यनारायण पासवान की अकाल मृत्यु हो गई थी, जिसके उपरांत प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं।

अनुदान राशि का चेक सौंपते हुए जिला पदाधिकारी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि किसी भी परिवार के सदस्य की असमय मृत्यु से होने वाली क्षति अपूरणीय होती है, जिसकी भरपाई दुनिया की किसी भी राशि या भौतिक साधन से संभव नहीं है। तथापि, यह अनुग्रह अनुदान पीड़ित परिवार को इस अत्यंत कठिन और विषम परिस्थिति से उबारने एवं उन्हें तात्कालिक संबल प्रदान करने का एक प्रशासनिक प्रयास मात्र है। 

इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा जिलेवासियों से पुनः विनम्र अपील की गई है कि वे मौसम की प्रतिकूलता और वज्रपात की चेतावनी के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतें। मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए आंधी-तूफान या मेघ गर्जन के समय खुले स्थानों, खेतों, जल स्रोतों और ऊंचे वृक्षों से दूर रहें तथा किसी पक्के निर्मित ढांचे में ही शरण लें, ताकि आपदा के इस जोखिम से बहुमूल्य जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य 'सोलर मेला' आयोजित। 'छत पर सोलर प्लांट लगाना खाली जगह से नियमित आय कमाने जैसा'–जिला पदाधिकारी 

  जमुई: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' का लाभ जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आज स्थानीय रावणेश्वर हॉल में विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य 'सोलर मेला' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी एवं अपर समाहर्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर आयोजित जागरूकता सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने आम नागरिकों, शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों से पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए अधिक से अधिक संख्या में रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सौर ऊर्जा के लाभों तथा आवेदन प्रक्रिया को अत्यंत सरल एवं आकर्षक अभिनय द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, पूर्व से सोलर सिस्टम का उपयोग कर रहे स्थानीय नागरिकों ने भी अपने सकारात्मक अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने हालिया पश्चिम एशिया के युद्ध से उत्पन्न ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए अक्षय एवं अनवरत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि "सृष्टि का संपूर्ण जीवन-चक्र सूर्य से ही संचालित होता है। प्रकृति और पशु-पक्षी आज भी सूर्य के नियम से चलते हैं, परंतु मानव इससे भटक गया है। अब समय आ गया है कि हम तकनीक के माध्यम से सौर ऊर्जा का उपयोग कर अपने जीवन को सूर्य के अनुकूल ढालें।" आगे उन्होंने कहा कि संविधान जहाँ नागरिक अधिकारों की बात करता है, वहीं कर्तव्यों का भी बोध कराता है, अतः पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण करना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

सौर ऊर्जा के उपयोग से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए जिला पदाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह को इसके रखरखाव (मेंटेनेंस) की सुगम प्रक्रिया समझाई। उन्होंने जनसामान्य को प्रेरित करते हुए कहा कि घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित करना अपनी खाली छत को किराए पर देकर नियमित आय अर्जित करने जैसा है—इससे न केवल बिजली बिल में भारी कमी आएगी, बल्कि अतिरिक्त उत्पादित ऊर्जा से आय के नए स्रोत भी सृजित होंगे।

जिले की अद्यतन स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि 8,000 के निर्धारित लक्ष्य के आलोक में अब तक 650 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 300 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 13,339 ऐसे उपभोक्ता, जिनका मासिक बिजली बिल 300 यूनिट से अधिक आता है, उनके लिए यह योजना बिजली खर्च घटाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने का सबसे व्यावहारिक माध्यम है। इसके लिए सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी और पारदर्शी बैंक ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि मुफ्त बिजली की संकल्पना से सरकार को सब्सिडी मद में होने वाली लगभग ₹22,000 करोड़ की बचत का सीधा उपयोग जनहित में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए किया जाएगा। योजना के त्वरित निष्पादन हेतु विद्युत विभाग के कनीय अभियंताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है तथा बैंक ऋण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है।

इस कार्यक्रम में अपर समाहर्ता ने भी अपने संबोधन में सौर ऊर्जा के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा एक अक्षय और अनवरत ऊर्जा स्रोत है, जिसका कभी अंत नहीं होता। यह पर्यावरण संरक्षण, बिजली बिल में दीर्घकालिक राहत और ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे इस जन-कल्याणकारी योजना से जुड़कर अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाएं।

कार्यक्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, विद्युत विभाग के कर्मी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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