निगम ने साफ कराए शहर में लगे कचरे के ढेर
कूड़ा उठान में अड़ंगा डाला तो होगी कानूनी कार्रवाई, निगम ने अपनाया सख्त रुख
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर में सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठान को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर नगर निगम द्वारा जेसीबी व लोडर की मदद से पुलिस उपस्थिति में हड़ताल के दौरान शहर में लगे कचरे के ढेर साफ किए गए। लगातार शहर में लगे कचरे के ढेर साफ किए जा रहे है। निगम के सभी 22 वार्डाें में मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक विनोद बेनीवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक गोविंद शर्मा व मुख्य सफाई निरीक्षक अमित कंबोज के नेतृत्व में बनी टीमें सफाई का कार्य कर रही है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी हड़ताल की आड़ में ड्यूटी करने वाले अन्य कर्मचारियों को काम करने से रोकता है या कूड़ा उठान में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम की प्राथमिकता शहर में सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और आम नागरिकों को परेशानी से बचाना है।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांगों को लेकर विरोध करने का अधिकार है, लेकिन किसी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को रोकने या कर्मचारियों को काम करने से रोकने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से सफाई एवं फायर कर्मचारियों की कई मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। कर्मचारियों को 440 रुपये मासिक वर्दी भत्ता, पात्र कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन एवं एरियर, एलटीसी, न्यूनतम वेतन, ईएसआई और ईपीएफ जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। सफाई कर्मचारियों को 2 हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने, अनुकंपा सहायता 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा दुर्घटना की स्थिति में 50 लाख रुपये मृत्यु और 25 लाख रुपये स्थायी दिव्यांगता बीमा देने पर भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। पात्र कर्मचारियों को पीएमजेएवाई-चिरायु योजना में शामिल करने और मेडिकल व आकस्मिक अवकाश देने पर भी सहमति जताई गई है। निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि पालिका रोल के सफाई एवं फायर कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग पर सरकार का कानूनी परीक्षण जारी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल के बावजूद आंदोलन के नाम पर शहर की सफाई व्यवस्था और आमजन की सुविधा से समझौता नहीं किया जाएगा। नगर निगम द्वारा मशीनों के माध्यम से कचरा उठान का कार्य किया जा रहा है। लेकिन धरने पर बैठे कर्मचारी कचरा उठान नहीं होने दे रहे हैं। ऐसे में अब पुलिस की मदद से कचरा उठान किया जा रहा है। इसके अलावा डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य निर्बाध जारी है। आमजन से अपील है कि वे घर-घर आने वाले डोर टू डोर वाहनों को ही कचरा दें। खुले में या डंपिंग प्वाइंट पर कचरा न फेंके। यदि सभी नागरिक डोर टू डोर वाहनों में कचरा डालेंगे तो शहर में कचरे के ढेर ही नहीं लगेंगे।
फोटो - कचरे के ढेर को साफ करता निगम का लोडर।
कचरे के ढेर को उठाती निगम की जेसीबी।
जानकारी देते नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद।