आवास योजना में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा: 10 हजार रुपये घूस लेते आवास सहायक गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से मचा हड़कंप
गया: प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों से रिश्वत मांगने के आरोपों के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के मेसकोर प्रखंड में कार्यरत आवास सहायक को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय सहित जिले के विभिन्न सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मेसकोर प्रखंड के आवास सहायक धीरू कुमार चौधरी के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, मेसकोर प्रखंड निवासी धनंजय कुमार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक हैं। उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि आवास योजना की तृतीय किस्त जारी करने के बदले आवास सहायक धीरू कुमार चौधरी उनसे 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रिश्वत दिए बिना योजना की अगली किस्त जारी नहीं की जा रही थी, जिससे उनका आवास निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया और पूरी रणनीति के तहत जाल बिछाया गया।
बुधवार को पटना से पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने मेसकोर प्रखंड कार्यालय के बाहर कार्रवाई करते हुए धीरू कुमार चौधरी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रुपये लिए, पहले से तैनात निगरानी अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को निगरानी विभाग की टीम अपने साथ गया लेकर पहुंची। गया जी शहर के सर्किट हाउस में आरोपी से संबंधित सभी कानूनी और विभागीय कागजी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके अलावा आरोपी का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद निगरानी की टीम आरोपी को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई, जहां उससे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले की जानकारी देते हुए निगरानी विभाग के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने बताया कि धनंजय कुमार द्वारा विभाग को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया था कि आवास योजना की तृतीय किस्त जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत की सत्यता की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
डीएसपी निगरानी मिथिलेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी किसी योजना का लाभ देने के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत निगरानी विभाग से करें। शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद नवादा जिले के सरकारी महकमे में चर्चा का माहौल है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की भ्रष्ट कार्यशैली के कारण लाभुकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में निगरानी विभाग की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है, बल्कि आम लोगों में यह भरोसा भी मजबूत करती है कि रिश्वतखोरी करने वाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
निगरानी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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