कृषि टास्क फोर्स की बैठक में उर्वरक उपलब्धता, फार्मर आईडी, ई-केवाईसी एवं कृषि योजनाओं की समीक्षा
जिला पदाधिकारी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने एवं तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
आज दिनांक 24 सितंबर 2026 को जिला समाहरणालय सभागार में कृषि टास्क फोर्स की बैठक जिला पदाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। गत बैठक की कार्यवाही के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा के साथ आज की बैठक प्रारंभ की गई। इसके उपरांत प्रखंडवार कृषि गतिविधियों, उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उर्वरक की उपलब्धता एवं निगरानी
बैठक में प्रखंडवार उर्वरक की आवश्यकता, उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। कृषि विभाग के पदाधिकारियों द्वारा उर्वरक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में की गई छापेमारी की जानकारी दी गई। बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छापेमारी का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उर्वरक की उपलब्धता, वितरण एवं बिक्री की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है। उन्होंने उर्वरक प्रतिष्ठानों पर स्टॉक प्राप्त होने के साथ ही उसकी विधिवत ऑनलाइन/पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित कराने तथा वास्तविक स्टॉक एवं वितरण की नियमित निगरानी का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उर्वरक दुकानों के रजिस्टर की जांच के साथ-साथ वास्तविक रूप से किसानों को उर्वरक प्राप्त हुआ है या नहीं, इसका सत्यापन भी किया जाए।
फार्मर आईडी निर्माण में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में फार्मर आईडी निर्माण की प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा की गई। वर्तमान स्थिति पर जिला पदाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत प्रविष्टि एवं फार्मर आईडी निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अंचलों में बड़ी संख्या में जमाबंदियों का निर्माण एवं परिमार्जन कार्य हो रहा है। संबंधित पदाधिकारी अंचल स्तर से जमाबंदी संबंधी रिपोर्ट प्राप्त कर उसका समुचित मिलान करते हुए पात्र किसानों की फार्मर आईडी शीघ्र तैयार कराएं।
उन्होंने जानकारी दी कि खाता, खेसरा, रकबा आदि विवरण में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर आवश्यक प्रक्रिया के तहत उसे अंचलाधिकारियों द्वारा स्वतःदुरुस्त/अपडेट कराया जा रहा है अतःफार्मर आईडी निर्माण में अनावश्यक विलंब न हो।
ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश
ई-केवाईसी की प्रखंडवार स्थिति की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों को मिशन मोड में ई-केवाईसी पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंटेशन अथवा तकनीकी स्तर पर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसे लंबित रखने के बजाय तत्काल जिला कृषि पदाधिकारी के संज्ञान में लाया जाए, ताकि जिला स्तर से राज्य एवं आवश्यकतानुसार केंद्र स्तर पर समस्या के समाधान हेतु कार्रवाई की जा सके।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जमाबंदी निर्माण एवं परिमार्जन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके अनुरूप फार्मर आईडी एवं संबंधित कृषि डिजिटल सेवाओं से जुड़े कार्यों में भी निरंतर प्रगति दिखाई देनी चाहिए।
जैविक खेती प्रोत्साहन योजना की समीक्षा
बैठक में जैविक खेती प्रोत्साहन योजना के तहत पंचायतवार निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि योजना के लिए निर्धारित समय-सीमा 30 सितंबर 2026 तक है। अतः पंचायतवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवेदन प्राप्त करने एवं आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
सॉइल हेल्थ कार्ड एवं कृषि विद्युत कनेक्शन की समीक्षा
सॉइल हेल्थ कार्ड की समीक्षा के दौरान अनुमंडल कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि सॉइल सैंपल प्राप्त हो चुके हैं। जिला पदाधिकारी ने नमूनों की जांच एवं सॉइल हेल्थ कार्ड तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
किसानों को कृषि कार्य हेतु विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से जमीन पर उतारने का निर्देश दिया।
कृषि यंत्रीकरण योजना की समीक्षा
बैठक में कृषि यंत्रीकरण योजना की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने योजना के अंतर्गत किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभ एवं प्रगति की जानकारी लेते हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा
जिला उद्यान कार्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के क्रम में केला उत्पादन, नारियल पौधरोपण तथा मशरूम उत्पादन इकाइयों से संबंधित प्रगति की जानकारी ली गई।
केला उत्पादन के लिए लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही नारियल पौधे के लिए प्राप्त आवेदनों तथा बड़े एवं छोटे स्तर की मशरूम उत्पादन इकाइयों से संबंधित प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कम से कम एक मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कराने की दिशा में पहल करें तथा इसके लिए इच्छुक किसानों से आवेदन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
नहरों की स्थिति एवं सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में नहर प्रमंडल से संबंधित योजनाओं एवं सिंचाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित नहर प्रमंडल के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी अवधि के लिए आवश्यक योजनाओं की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें तथा जहां नहरों की साफ-सफाई अथवा मरम्मत की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किस क्षेत्र में नहर का पानी किसानों तक नहीं पहुंच रहा है, इसके वास्तविक कारणों का स्थल सत्यापन कराया जाए। जहां नहर से खेतों तक पानी पहुंचने में बाधा है, वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कृषि से संबंधित योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उनका वास्तविक लाभ किसानों तक जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, उद्यान विभाग, नहर प्रमंडल सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
13 views | Saharsa, Bihar | Sep 24, 2026