इस 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की आवाज़ सुनिए! आज भी ₹40 प्रतिदिन की मजदूरी करके अपना पेट पालने को मजबूर हैं और अब इनके सिर से छत भी छीनने के लिए भाजपा का बुलडोजर पहुंच गया है। एक तरफ महंगाई और बेरोज़गारी ने गरीबों की कमर तोड़ दी है। तो दूसरी तरफ भाजपा सरकार गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाकर उनसे उनका आखिरी सहारा भी छीन ले रही है। बड़े-बड़े विकास के दावे करने वाली मोदी सरकार से सीधा सवाल है कि अगर 80 साल की बुजुर्ग महिला आज भी ₹40 की मजदूरी करने को मजबूर है। तो यह विकास आखिर किसके लिए है?
यह सिर्फ एक गरीब महिला की झोपड़ी का सवाल नहीं है बल्कि भाजपा की उस जनविरोधी राजनीति का सवाल है। जिसमें गरीब, दलित, किसान और खेतिहर मजदूर की जमीन और बस्ती को विकास के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। अतिक्रमण हो या लैंड बैंक, टाउनशिप हो या किसी बड़े प्रोजेक्ट का नाम। आखिर हर बार जमीन और घर से बेदखल गरीब ही क्यों होतें है?
गरीबों और किसानों की जमीन छीनकर बड़े-बड़े उद्योग और टाउनशिप खड़े करने की बात की जाती है। लेकिन जिन लोगों की जमीन छीनी जाती है। उनके लिए क्या है? न स्थायी आवास, न रोजगार की गारंटी, न बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था और न ही सम्मानजनक पुनर्वास। सवाल सीधा है। अगर विकास गरीबों को उजाड़कर होगा। तो उस विकास का लाभकिसे मिल रहा है?
भाजपा सरकार का यह समझना होगा कि गरीब सिर्फ वाट दन वाली जनता नहीं है बल्कि इस देश का मेहनतकश नागरिक है। जिसका जमीन, आवास और सम्मान पर बराबर का अधिकार है। गरीबों की बस्तियां उजाड़कर, किसानों की जमीन छीनकर और मजदूरों की आजीविका खत्म करके कोई भी सरकार जनहितैषी होने का दावा नहीं कर सकती।
आज़ादी के बाद से जिस जमीन पर भूमिहीन और गरीब परिवार बसे हुए हैं। उन्हें PPH Act के आधार पर वासगीत पर्चा देना होगा। उनके आवासीय अधिकार को सुरक्षित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। कानून और अधिकारों की बात करने वाली सरकार को पहले गरीबों के घर और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। न कि उनके खिलाफ बुलडोजर को हथियार बनाना चाहिए।
यह बुलडोजर सिर्फ एक झोपड़ी पर नहीं चल रहा। यह गरीब की मेहनत, उसके अधिकार और उसके भविष्य पर हमला है। अगर भाजपा सरकार ने गरीबों की बस्तियों को उजाड़ने और बुलडोजर राज की राजनीति को बंद नहीं किया। तो अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तमाम गरीबों, किसानों और खेतिहर मजदूरों को संगठित कर सड़क से लेकर सदन तक और संघर्ष के हर मोर्चे तक लड़ाई को तेज करेगी और लड़ेगी। गरीबों को उजाड़ने वाली इस राजनीति के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। जनता अपने अधिकारों की लड़ाई का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
Hardoi, Hardoi | Aug 12, 2026