हरदोई: मामूली बरसात में ही 'वाशिफ कंप्यूटर वाली गली' बनी दरिया,नगर पालिका की लापरवाही से नरक जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं मोहल्लेवासी
उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई में नगर पालिका प्रशासन के स्वच्छता और जल निकासी के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। हल्की सी बरसात होते ही नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 25 स्थित "वाशिफ कम्प्यूटर वाली गली" एक गहरे तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पूरी गली में घुटनों तक गंदा पानी भर गया है। इस जलभराव के बीच एक लाल रंग का स्कूटर और अन्य मोटरसाइकिलें फंसी हुई हैं। कूड़े और कचरे से भरे हुए इस दूषित पानी के बीच से गुजरने के अलावा निवासियों के पास और कोई चारा नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है, जिन्हें ज़रूरी सामान लेने के लिए इसी गंदगी से होकर गुज़रना पड़ता है। घरों के दरवाज़ों तक पानी पहुंच जाने से घरों के अंदर भी सीलन और बदबू की समस्या पैदा हो रही है।
अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
स्थानीय मोहल्लेवासियों में इस बदहाली को लेकर भारी आक्रोश है।
लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है और वह लंबे समय से नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। अपनी पीड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के वार्ड मेंबर हफीज अहमद उर्फ मुन्ना नेता और नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है। लेकिन, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। न तो समस्या का कोई समाधान निकाला गया और न ही अभी तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है।
गंभीर बीमारी फैलने का खतरा गली में लगातार भरे रहने वाले गंदे पानी और कचरे के कारण अब इलाके में संक्रामक बीमारियां फैलने का भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मच्छरों के पनपने से मलेरिया, डेंगू, और टाइफाइड जैसी बीमारियों का डर बना हुआ है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे या बीमारी के फैलने का इंतज़ार कर रहा है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका ईओ (EO) से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि 'वाशिफ कम्प्यूटर वाली गली' में जल निकासी के लिए नालियों की सफाई करवाई जाए और इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें इस नरकीय स्थिति से छुटकारा मिल सके। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो मोहल्लेवासी उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
Hardoi, Hardoi | Aug 15, 2026