*मीना बड़ौदा महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का मामला:शिक्षकों की कमी से नाराज़ छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर जड़ा ताला*
वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के मीना बड़ौदा गांव स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर मंगलवार को छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर विरोध जताया। छात्राओं ने शिक्षा विभाग से विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक लगाने की मांग की।
*शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित*
छात्राओं के अनुसार विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण अंग्रेजी, गणित जैसे कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई को लेकर बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है।
*प्रधानाचार्य भी चुनाव ड्यूटी पर*
विद्यालय में शिक्षकों की कमी के बीच प्रधानाचार्य को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। इससे विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्राओं और ग्रामीणों का कहना है कि जब स्कूल में पहले ही शिक्षक कम हैं, ऐसे में प्रधानाचार्य के चुनाव ड्यूटी पर रहने से विद्यालय की व्यवस्था पर अतिरिक्त असर पड़ रहा है।
*परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंता*
छात्राओं ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आगामी परीक्षाओं को देखते हुए छात्राओं में चिंता है। उनका कहना है कि सभी विषयों की नियमित पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक होना जरूरी है। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग को तत्काल ध्यान देना चाहिए।
*मुख्य द्वार पर ताला लगाकर जताया विरोध*
शिक्षकों की कमी को लेकर नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया। छात्राओं ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यालय की व्यवस्था बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई की समस्या की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना है।
ग्रामीणों ने भी विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग का समर्थन किया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित किया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
*छात्राओं ने स्कूल के बाहर लगाए नारे,*
शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध कर रही छात्राओं ने स्कूल परिसर के बाहर नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। छात्राओं ने “हमें शिक्षक चाहिए”, “शिक्षकों की कमी दूर करो”, “हमारी पढ़ाई सुचारु करो” और “शिक्षा व्यवस्था सुधारो” जैसे नारे लगाए। छात्राओं का कहना था कि उनका विरोध पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए है।
छात्रा ने कहा: “हमारे स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऊपर से प्रधानाचार्य को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। हमारी मांग है कि स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षक लगाए जाएं, ताकि हमारी पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके।”
एक अन्य छात्रा ने कहा: “हम पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण हमें परेशानी हो रही है। हमारी मांग किसी के खिलाफ नहीं है, हम सिर्फ चाहते हैं कि स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक लगाए जाएं और हमारी पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।”
छात्राओं ने कहा कि परीक्षा नजदीक होने के कारण शिक्षकों की कमी को लेकर उनकी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग की।
*शिक्षा विभाग से तत्काल समाधान की मांग*
छात्राओं और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय की स्थिति का जायजा लेकर विषयवार पर्याप्त शिक्षक लगाने की मांग की। साथ ही प्रधानाचार्य की चुनाव ड्यूटी के दौरान विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई।
अब छात्राओं के विरोध के बाद शिक्षा विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों की नजरें टिकी हैं।