'पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की हुई कोशिश, मैंने सिर्फ आत्मरक्षा की' : वायरल वीडियो पर प्रो. शिवा जी पांडे का पलटवार, महिला प्रोफेसर पर लगाए गंभीर आरोप
गया। गया कॉलेज में वायरल वीडियो को लेकर मचे बवाल के बीच गुरुवार को विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शिवा जी पांडे ने प्रेस वार्ता कर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने महिला अध्यापिका संगीता आर्या सहित चार अन्य लोगों पर पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की कोशिश करने और उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।
प्रोफेसर शिवा जी पांडे ने कहा कि 13 दिसंबर 2025 को गया कॉलेज में विभागाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उनके खिलाफ लगातार साजिश रची जा रही है। उनका आरोप है कि विभागाध्यक्ष बनाए जाने से असंतुष्ट महिला अध्यापिका संगीता आर्या शुरू से ही उनके कार्य में बाधा उत्पन्न कर रही हैं और उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। प्रेस वार्ता के दौरान प्रोफेसर पांडे ने आरोप लगाया कि संबंधित महिला अध्यापिका नियमित रूप से कॉलेज नहीं आती थीं, लेकिन चपरासी के माध्यम से पूर्व तिथि में हस्ताक्षर कराकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती थीं। उन्होंने दावा किया कि इसी फर्जी उपस्थिति के आधार पर विश्वविद्यालय से वेतन का भुगतान भी लिया जाता रहा।
उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने ऐसी उपस्थिति पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और इस पूरे मामले की लिखित शिकायत मगध विश्वविद्यालय, बोधगया को भेजी। प्रोफेसर शिवाजी पांडे का कहना है कि शिकायत किए जाने के बाद उनके खिलाफ साजिश और तेज हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को महिला अध्यापिका के इशारे पर कुछ स्थानीय लोग कॉलेज पहुंचे और उन्हें घेर लिया। उनका दावा है कि आरोपितों ने पिस्तौल दिखाकर धमकाया और उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने पास में पड़ी छड़ी उठाई और आत्मरक्षा में हमलावरों को वहां से खदेड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की, बल्कि केवल अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया।
प्रोफेसर शिवाजी पांडे ने प्रेस वार्ता में सूरज सिंह, पवन मिश्रा, मैक्स अवस्थी और अवध विनायक का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग हथियार लेकर कॉलेज पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्वयं पुलिस को सूचना दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले सभी आरोपित मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रामपुर थाना में महिला अध्यापिका और चार अन्य लोगों के खिलाफ पिस्तौल दिखाकर धमकी देने, हमला करने तथा साजिश रचने के आरोप में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराया हूं। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस जांच और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है तथा उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी।
प्रोफेसर शिवाजी पांडे ने यह भी दावा किया कि महाविद्यालय प्रशासन उनका सहयोग कर रहा है, लेकिन कुछ लोग सुनियोजित तरीके से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं और कानून के दायरे में रहकर पूरे मामले को आगे बढ़ाएंगे।
उधर, वायरल वीडियो को लेकर गया कॉलेज और शैक्षणिक जगत में चर्चाओं का दौर जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित महिला अध्यापिका की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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