वन्यजीव सप्ताह–2026 के छठे दिन विशेषज्ञों ने साझा किए वन्यजीव संरक्षण के अनुभव
वन्यजीव सप्ताह–2026 के अंतर्गत आज छठे दिन पश्चिमी हिमालयन शीतोष्ण आर्बोरेटम, पॉटर्ज़ हिल, शिमला में “Story Telling Sessions / Wildlife Talks by Experts / Experience Sharing” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों, विशेषकर युवाओं एवं प्रकृति प्रेमियों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन वन्यजीव प्रभाग, हिमाचल प्रदेश वन विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रीमती अनु नागर, भा.व.से., सलाहकार (स्वास्थ्य विभाग), हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
उन्होंने अपने सम्बोधन में वन तथा वन्यजीवों के संरक्षण, तथा महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण में सभी को अग्रसर होकर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं वन अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश की विविध भौगोलिक परिस्थितियों में पाए जाने वाले वन्यजीवों, उनके प्राकृतिक आवास, संरक्षण की चुनौतियों तथा स्थानीय समुदायों की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए। Story Telling के माध्यम से वन्यजीवों के साथ प्रत्यक्ष अनुभवों, फील्ड में किए गए संरक्षण कार्यों तथा प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को भी साझा किया गया।
वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्थानीय समुदायों, विद्यार्थियों, युवाओं, प्रकृति प्रेमियों तथा पर्यटकों की सक्रिय भागीदारी से ही वन्यजीवों और उनके आवासों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में वन अरण्यपाल (वन्यजीव) श्रीमती प्रीति भंडारी, श्री कृष्ण कुमार, निदेशक, नॉर्थ एच.पी. फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, तथा वन मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वन्यजीव सप्ताह–2026 की थीम के अनुरूप वन्यजीव आवासों के संरक्षण, प्रकृति एवं मानव जीवन के बीच संतुलन तथा वन्यजीव संरक्षण में जनभागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए हिमाचल प्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का संदेश दिया।
वन्यजीव सप्ताह–2026 का यह आयोजन ज्ञान, अनुभव और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को साझा करने का एक सार्थक मंच बना, जिसने “वन्यजीव संरक्षण—साझी जिम्मेदारी” के संदेश को और मजबूत किया।