सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को उज्जैन में होगा भव्य दीपोत्सव
शिप्रा तट और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में एक साथ प्रज्वलित होंगे 25 लाख से अधिक दीप, राष्ट्रीय स्तर पर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
कलेक्टर श्री सिंह ने दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए समयबद्ध एवं अनुशासित आयोजन के निर्देश
उज्जैन, 15 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आगामी 17 सितंबर, गुरुवार को शाम 7 बजे उज्जैन में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जनभागीदारी से आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों एवं श्री महाकाल महालोक कॉरिडोर क्षेत्र में एक साथ 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। लाखों दीपों की रोशनी से शिप्रा तट एवं महाकाल महालोक क्षेत्र आध्यात्मिक, भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में जगमगाएगा। इस भव्य आयोजन के माध्यम से उज्जैन में विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
आयोजन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागार में आयोजन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, अनुशासन एवं समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, एडीएम श्री अत्येंद्र सिंह राठौर, जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस कूमट, अपर कलेक्टर श्री प्रथम कौशिक, उप मेला अधिकारी श्री संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती नेहा जैन ने दीपोत्सव के लिए अब तक की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाले सभी अधिकारी अपनी टीम के साथ निर्धारित निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे। आयोजन से पूर्व 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे दीपोत्सव का ट्रायल आयोजित किया जाएगा। ट्रायल के दौरान दीप प्रज्वलन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का आंकलन किया जाएगा तथा कमियों को दूर किया जाएगा। साथ ही सभी वॉलिंटियर्स को आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आयोजन के लिए आवश्यक सभी सामग्री निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध रहे। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को दोपहर 1 बजे सभी सेक्टर अधिकारी, सब-सेक्टर अधिकारी एवं वॉलिंटियर्स अपनी टीम के साथ निर्धारित घाटों पर पहुंचेंगे। अधिकारियों एवं वॉलिंटियर्स के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। पार्किंग स्थलों की जानकारी गूगल लोकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। आयोजन के दौरान बारिश की स्थिति को देखते हुए वाटरप्रुफ शीट की व्यवस्था भी की गई है। सभी अधिकारी एवं वॉलिंटिर्य को आयोजन से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
समय से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचें अधिकारी और वॉलिंटियर्स
कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने कहा कि दीपोत्सव से जुड़े सभी अधिकारी एवं सुपरवाइजर निर्धारित समय से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचकर अपनी-अपनी टीम से समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चुनाव कार्य में निर्धारित प्रक्रिया एवं निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाता है, उसी प्रकार इस आयोजन में भी प्रत्येक अधिकारी एवं वॉलिंटियर को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वॉलिंटियर्स को दीप प्रज्वलन की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाई जाए। किस समय दीप में बाती लगानी है, कब तेल डालना है और निर्धारित समय पर दीप प्रज्वलित कैसे करना है, इसकी जानकारी सभी को पहले से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी एवं वॉलिंटियर्स अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि उज्जैन में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए यदि किसी अधिकारी, सुपरवाइजर अथवा वॉलिंटियर को किसी भी प्रकार का संदेह हो तो वह तत्काल संबंधित अधिकारी से चर्चा कर अपनी शंका का समाधान कर लें। उन्होंने कहा कि आयोजन की सफलता प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी।
एक साथ प्रज्वलित होंगे 25 लाख से अधिक दीप
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि 17 सितंबर को शाम 7 बजे शिप्रा मैया के विभिन्न घाटों एवं श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में एक साथ 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन विश्व रिकॉर्ड की ओर आगे बढ़ रहा है और इस आयोजन में बड़ी संख्या में वॉलिंटियर्स अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। शहर एवं जिले की विभिन्न समाजसेवी संस्थाएं भी आगे आकर अपने वॉलिंटियर्स को आयोजन में सहभागिता के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंनेr कहा कि दीपोत्सव जनभागीदारी और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। आयोजन के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा चुकी है तथा चरणबद्ध तरीके से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत इस भव्य आयोजन में सहभागिता करने का आह्वान किया।
7 प्रमुख सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया आयोजन क्षेत्र
उल्लेखनीय है कि दीपोत्सव के लिए शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों एवं श्री महाकाल महालोक क्षेत्र को 7 प्रमुख सेक्टरों एवं 250 सब-सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सात प्रमुख सेक्टरों में केदारेश्वर घाट से दत्त अखाड़ा होते हुए गुरु नानक घाट तक, सुनहरी घाट से रामघाट होते हुए नरसिंह घाट ब्रिज तक, नरसिंह घाट ब्रिज से कर्कराज मंदिर तक, माली कैफे से भूखी माता तक, भूखी माता से लालपुल तक, लालपुल से गऊघाट तक तथा कर्कराज मंदिर से लालपुल तक का क्षेत्र शामिल है। आयोजन के लिए लगभग 11 हजार ब्लॉक तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप लगाए जाएंगे। इसी के अनुरूप प्रत्येक सब-सेक्टर में दीप, मोमबत्ती, माचिस, किमची, कपूर, तेल सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। दीप प्रज्वलन की व्यवस्था के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर दो-दो वॉलिंटियर्स की तैनाती की जाएगी। इस प्रकार लगभग 25 हजार वॉलिंटियर्स जनभागीदारी के माध्यम से इस भव्य दीपोत्सव को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। जनभागीदारी से आयोजित यह दीपोत्सव उज्जैन की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रभावी संदेश देगा।