डीएम का एक्शन: तहसील दिवस में लापरवाही पर एक लेखपाल सस्पेंड, दूसरे को प्रतिकूल प्रविष्टि
राजस्व मामलों के निस्तारण में 'मिशन मोड' पर काम करने के निर्देश; जून भर चलेगा विशेष अभियान
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। जून माह के पहले शनिवार को कायमगंज तहसील में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ डीएम का कड़ा रुख देखने को मिला। जिलाधिकारी ने एक राजस्व लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए, जबकि एक अन्य मामले में दूसरे लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी गई है। डीएम की इस बड़ी कार्रवाई से तहसील कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
समाधान दिवस में आईं कुल 216 शिकायतें
शनिवार को आयोजित इस समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 216 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए।
जून माह में चलेगा विशेष राजस्व अभियान: 30 जून तक डेडलाइन
मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि राजस्व विभाग की बार-बार आ रही शिकायतों को देखते हुए जून माह में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
टीम बनाकर होगा समाधान: जो शिकायतें बार-बार आ रही हैं और जिनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है, उनके लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी। 30 जून तक इन सभी मामलों का निस्तारण (डिस्पोजल) करने का लक्ष्य रखा गया है।
न्यायालय का विकल्प: यदि विशेष अभियान के बाद भी मामले से संबंधित पक्ष संतुष्ट नहीं होते हैं, तो उन्हें राजस्व न्यायालय में वाद (केस) दायर कर मामले का कानूनी निस्तारण कराने की सलाह दी जाएगी।
जब तक फरियादी संतुष्ट नहीं, तब तक निस्तारण अधूरा
डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि तहसील दिवस और आईजीआरएस (मुख्यमंत्री पोर्टल) के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का निस्तारण तब तक संतोषजनक नहीं माना जाएगा, जब तक अधिकारी मौके पर जाकर शिकायतकर्ता से बात नहीं कर लेते। उन्होंने निर्देश दिया:
"अधिकारी खुद मौके पर जाएं, शिकायतकर्ता से बात करें, उसका फीडबैक लें और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करें।"
पैमाइश के मामलों पर 'मिशन मोड' में एक्शन
जिलाधिकारी ने बताया कि इस समय सबसे अधिक शिकायतें जमीन की पैमाइश (नाप-जोख) से जुड़ी हुई हैं। यह सीजन पैमाइश के लिए सबसे उपयुक्त है। इसलिए, तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि एसडीएम कोर्ट में लंबित धारा-24 (पैमाइश) के जितने भी मामले हैं, उनकी 'मिशन मोड' में रिपोर्ट मंगवाकर जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाए।