इंग्लैंड में रहने वाले करण रखेजा का जन्मदिन फरीदाबाद में बना यादगार, हेलमेट बांटकर दिया जिंदगी बचाने का संदेश
ओल्ड फरीदाबाद चौक पर ‘एक अभियान जिंदगी के नाम’ की अनूठी पहल, संरक्षक अशोक रखेजा ने भतीजे के जन्मदिन पर जरूरतमंद दोपहिया वाहन चालकों को वितरित किए हेलमेट**
*फरीदाबाद। Rakesh Kumar जन्मदिन पर केक काटना और जश्न मनाना तो आम बात है, लेकिन अगर किसी के जन्मदिन की खुशी दूसरों की जिंदगी बचाने के संकल्प के साथ मनाई जाए तो वह दिन सच में यादगार बन जाता है। इसी नेक सोच को साकार करते हुए ‘एक अभियान जिंदगी के नाम’ की टीम ने ओल्ड फरीदाबाद चौक पर हेलमेट वितरण अभियान चलाकर एक अनूठी मिसाल पेश की।
दरअसल, संस्था के संरक्षक अशोक रखेजा के भतीजे करण रखेजा, जो इंग्लैंड में रहते हैं, का जन्मदिन था। इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए अशोक रखेजा ने अपने भतीजे के जन्मदिन पर लोगों को हेलमेट वितरित किए और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
इस अवसर पर अशोक रखेजा ने कहा कि जन्मदिन जैसे खास मौके पर किसी की जिंदगी बचाने की पहल से बड़ा नेक कार्य कोई नहीं हो सकता। सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट बेहद जरूरी सुरक्षा साधन है। लोगों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
**जन्मदिन और सालगिरह पर करें जीवन बचाने का संकल्प : राकेश कुमार सुखवारिया**
संस्था के संयोजक राकेश कुमार सुखवारिया ने कहा कि ‘एक अभियान जिंदगी के नाम’ की टीम पिछले एक वर्ष से लगातार हेलमेट वितरण और सड़क सुरक्षा जागरूकता के कार्य में जुटी हुई है। संस्था का संदेश है कि लोग अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह और अन्य खास अवसरों पर हेलमेट वितरण जैसे सेवा कार्य जरूर करें। इससे न केवल किसी जरूरतमंद को सुरक्षा मिलती है, बल्कि समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और दोपहिया वाहन चलाते समय स्वयं तथा पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट का इस्तेमाल सुनिश्चित करना चाहिए।
इस अवसर पर संस्था के कोषाध्यक्ष जितेंद्र वत्स और कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र पाल सिंह भी मौजूद रहे। टीम के सदस्यों ने लोगों को हेलमेट पहनने, तेज गति से वाहन न चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
‘एक अभियान जिंदगी के नाम’ की इस पहल ने यह संदेश दिया कि जन्मदिन का असली उत्सव केवल अपने लिए खुशियां मनाना नहीं, बल्कि किसी दूसरे की जिंदगी सुरक्षित बनाने में योगदान देना भी है।
Faridabad, Faridabad | Nov 2, 2026