#बालाघाट
रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने कम पानी में पकने वाली फसलों की बोवनी को दें बढ़ावा
एपीसी की बैठक में खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन योजनाओं की समीक्षा
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को जबलपुर संभाग के जिलों की एपीसी (कृषि उत्पादन आयुक्त) बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषि के साथ पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के संबंध में निर्देश दिए गए।
बैठक में कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत बरवड़े, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, जबलपुर संभाग के कमिश्नर श्री धनंजय सिंह सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बालाघाट के एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में कलेक्टर श्री आदित्य सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा तथा कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कम वर्षा को देखते हुए रबी सीजन में कम पानी में पकने वाली फसलों, विशेषकर सरसों एवं अलसी की खेती को अधिक से अधिक रकबे में अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने तथा शासकीय संस्थाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि किसानों के लिए रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। खाद वितरण में सुविधा के लिए कृषि विकास पोर्टल के माध्यम से खाद का उठाव करने की व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी गई। खाद विक्रय केंद्रों पर पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ाने तथा अवकाश के दिनों में भी मार्केटिंग फेडरेशन और सहकारी समितियों के कार्यालय खुले रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को खाद प्राप्त करने में परेशानी न हो। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान आवश्यकता पड़ने पर अपने नजदीकी पड़ोसी जिले की सहकारी समिति से भी खाद प्राप्त कर सकते हैं। इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
अमानक खाद-बीज की बिक्री रोकने अभियान चलाएं
किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक उत्तम गुणवत्ता के उपलब्ध कराने तथा अमानक कृषि आदान सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए विक्रेता प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने, खाद एवं बीज के अधिक से अधिक नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजने को कहा गया।
अधिकारियों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। बताया गया कि नरवाई जलाने से आग लगने की घटनाओं के साथ वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरा क्षमता प्रभावित होती है। फसलों की कटाई करने वाले हार्वेस्टर में कटर लगाना अनिवार्य है। इस निर्देश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित फसल बीमा योजनाओं से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने तथा फसल कटाई प्रयोगों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपन्न कराने पर भी जोर दिया गया।
किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों को मिले किसान क्रेडिट कार्ड
बैठक में किसानों, पशुपालकों तथा मत्स्य पालन करने वाले हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डिफाल्टर हो चुके किसानों को दोबारा वित्तीय व्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कवच योजना का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। दुग्ध सहकारी समितियों के सभी खाते सहकारी बैंक में खुलवाने तथा समिति के प्रत्येक सदस्य का खाता भी सहकारी बैंक में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सहकारी बैंकों की ऋण वसूली की स्थिति पर ध्यान देने को कहा गया।
मत्स्य पालन में बालाघाट के 7,248 पंजीयन
बैठक में मध्यप्रदेश एकीकृत अधोसंरचना-2025 के अंतर्गत जिलेवार कार्यों की समीक्षा की गई। मत्स्य पालन विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बालाघाट जिले में फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 7,248 पंजीयन किए गए हैं। मुख्यमंत्री समृद्धि कछुआ योजना के अंतर्गत समेकित मत्स्य पालन के लिए निर्धारित 14 भौतिक लक्ष्यों में से 8 कार्य पूर्ण पाए गए। अधिकारियों को मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन में वृद्धि पर जोर
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन के आधार पर विभागीय योगदान बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए क्लस्टर आधारित फसल प्रबंधन को प्रोत्साहित करने तथा मुख्यमंत्री मूल्य संवर्धन एवं उद्यम उन्नयन योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उद्यानिकी गतिविधियों के विस्तार के लिए कार्य करने को कहा गया।
पशुओं के स्वास्थ्य और नस्ल सुधार पर ध्यान दें
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा में पशुओं के स्वास्थ्य और नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत बालाघाट जिले में बैंकों द्वारा किए गए ऋण वितरण की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री दुधारू पशुपालन योजना के तहत वर्ष 2025-26 में प्राप्त 30 प्रकरणों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना पर भी चर्चा की गई। बेहतर दुग्ध उत्पादन के लिए पशुओं को पारंपरिक भूसे के स्थान पर साइलेज यानी संरक्षित हरा चारा खिलाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों का विस्तार करने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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3 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Oct 29, 2026