अररिया वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत 190 योजनाओं के क्रियान्वयन पर बनी सहमति
अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (VVP-II) के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति (DLC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत जिले के फारबिसगंज, नरपतगंज एवं कुर्साकांटा प्रखंडों के कुल 12 गांवों में विकासात्मक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है। फारबिसगंज प्रखंड में बैजनाथपुर (पिपरा), दामादिघी (पिपरा), हथवा (कुशमाहा) एवं पोखरिया (कुशमाहा), नरपतगंज प्रखंड में धुरना (पथराहा), डुमरबन्ना (बबुवान), बेला (बेला), मानिकपुर (मानिकपुर), गोसाई पुछहरी (सोनापुर) एवं भवानीपुर (मानिकपुर) तथा कुर्साकांटा प्रखंड में लैलोखर (लैलोखर) एवं सुंदरी (डुमरिया) शामिल हैं।
बैठक में कुल 190 योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सर्वसम्मति से सहमति प्रदान की गई। इन योजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹12.89 करोड़ है। योजनाओं में शिक्षा एवं बाल विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 7 स्मार्ट क्लास रूम, 8 अतिरिक्त क्लास रूम, 16 विद्यालयों में सैनिटेशन सुविधाएं, 98 क्लास रूम का विद्युतीकरण, 9 बाउंड्री वॉल एवं 5 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव शामिल है। वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में सुरक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 40 मिनी सुरक्षा स्तंभ (Suraksha Stambh), 1 मिल्क चिलिंग प्लांट एवं 1 सिलेज प्लांट की स्थापना की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक वाइब्रेंट विलेज के लिए दो सिलाई मशीनें जीविका को हस्त-सुपुर्द की जाएंगी। इन सिलाई मशीनों का उपयोग केवल प्रशिक्षण के उद्देश्य से किया जाएगा।जीविका द्वारा मशीनों की समुचित देखरेख एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त लैलोखर में PHC (HWC) की स्थापना तथा सुंदरी में बड़े मंदिर के समीप प्रसाद निर्माण, अगरबत्ती निर्माण एवं Waste Flower Processing से संबंधित गतिविधियों/यूनिट के विकास के प्रस्तावों पर भी सहमति प्रदान की गई।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित योजनाओं के संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए भूमि की उपलब्धता एवं Technical Feasibility का समुचित अध्ययन एवं आकलन सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी रूप से उपयुक्त एवं व्यवहार्य योजनाओं का DPR तैयार कर VVP Portal पर अपलोड करने की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन द्वारा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के माध्यम से इन सीमावर्ती गांवों में शिक्षा, बाल विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, कौशल विकास तथा स्थानीय स्वरोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आई सी डी एस, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
Araria, Araria | Sep 12, 2026