जब इंतजार से थक गए ग्रामीण, खुद बनाने लगे सड़क!
उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग स्थित सकंड गांव से सामने आया वीडियो सिस्टम को आईना दिखा रहा है। सड़क की मांग को लेकर सालों तक इंतजार, अधिकारियों के आश्वासन और लगातार गुहार के बाद जब ग्रामीणों का सब्र टूट गया, तो उन्होंने खुद ही सड़क बनाने का फैसला कर लिया।
ग्रामीण हाथों में गैंती और फावड़ा लेकर सड़क निर्माण में जुट गए और श्रमदान के जरिए रास्ता तैयार करने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मांग की जा रही थी, लेकिन आश्वासन के बावजूद सड़क धरातल पर नहीं उतर सकी। आखिरकार उन्होंने तय किया कि जिस सड़क का इंतजार करते-करते साल बीत गए, उसे अब वे खुद बनाएंगे।
उत्तराखंड के पहाड़ों में यह तस्वीर सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण इलाकों की हकीकत बयां करती है, जहां आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जब जनता सरकार से सड़क मांगते-मांगते खुद सड़क बनाने �