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बाढ़ से पाठा क्षेत्र में हाहाकार, हनुवा-कौबरा-बराछी की नदियां उफान पर
चित्रकूट। ग्राम पंचायत हनुवा की दोनों नदियां लगातार करीब 24 घंटे से उफान पर हैं। वहीं कौबरा और बराछी की नदियों में भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के कारण पाठा क्षेत्र के दर्जनों गांवों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में हर वर्ष यही स्थिति सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। नदी-नालों पर पर्याप्त ऊंचाई वाले पुल, पुलिया और बेहतर सड़कों के अभाव में बाढ़ के दौरान ग्रामीणों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट जाता है।
पाठा मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लवकुश कुमार भारती ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विकास का आकलन केवल कागजी योजनाओं या प्रचार से नहीं, बल्कि गांवों में सड़क, पुल, पुलिया और सुरक्षित आवागमन की वास्तविक व्यवस्था से होना चाहिए।
उन्होंने सांसद और विधायक से पाठा क्षेत्र की जमीनी हकीकत देखने की अपील करते हुए कहा कि बाढ़ के समय ग्रामीणों की परेशानी किसी से छिपी नहीं है। जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और यह सुनिश्चित करें कि हर वर्ष सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकले।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर हर साल बाढ़ के समय आवागमन क्यों ठप हो जाता है? ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा कब मिलेगी?
पाठा क्षेत्र के लोगों की मांग है कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित मार्गों और नदी-नालों का स्थलीय सर्वे कराकर ऊंचे पुल-पुलियों एवं मजबूत सड़कों की स्थायी कार्ययोजना तैयार करे, ताकि बरसात में गांवों का संपर्क न टूटे।
“पाठा को भाषण नहीं, स्थायी समाधान चाहिए।”