औरंगाबाद में आधी रात मिट्टी का मकान ढहा, 12 साल की बच्ची की मौ@त, मां समेत 3 बच्चे घायल।
औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के सिंहुड़ी (बेल सिंहुड़ी) गांव में गुरुवार की देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। मिट्टी से बनी घर की दीवार और छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में दबकर 12 साल की बच्ची बबली कुमारी की मौत हो गई। हादसे में मृत बच्ची की मां पूनम देवी समेत तीन अन्य भाई-बहन भी घायल हो गए।
मृत बच्ची की पहचान कन्हैया विश्वकर्मा और पूनम देवी की बेटी बबली कुमारी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। अस्पताल ले जाने के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
*मृत बच्ची की मां बोली - अचानक भरभराकर गिरी छत और दीवार:*
पूनम देवी ने बताया कि उनके पति गुड़गांव में रहकर मजदूरी करते हैं। वह घर में अपने बच्चों के साथ रहती हैं। गुरुवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने चारों बच्चों (तीन बेटी और एक बेटा) के साथ मिट्टी से बने मकान में सोई थीं। इसी दौरान अचानक मकान की दीवार और छत भरभराकर गिर गई। पूरा कमरा मलबे में तब्दील हो गया और पांचों लोग दब गए।
*शोर सुनकर ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य:*
मलबे में दबने के बाद मां और बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया। शोर सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी पांचों को बाहर निकाला। सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बबली कुमारी को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं एक घायल बेटी को मगध मेडिकल कॉलेज गया रेफर किया गया है। मां पूनम देवी और दो घायल बच्चे का स्थिति सामान्य है।
ग्रामीणों के अनुसार मकान काफी पुराना और मिट्टी का था। पिछले दो दिन हुई बारिश के कारण दीवार और छत कमजोर हो गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल पक्का मकान और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है।