पहली सोमवारी पर मार्कंडेय महादेव में उमड़ा आस्था का महासैलाब, 2 किमी लंबी कतार में घंटों इंतजार कर किया जलाभिषेक; 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
गया। सावन माह की पहली सोमवारी पर गया शहर स्थित मंगला गौरी परिसर के प्राचीन एवं प्रसिद्ध मार्कंडेय महादेव मंदिर में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मार्ग श्रद्धालुओं से पट गए। तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग और बच्चों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। देखते ही देखते श्रद्धालुओं की लाइन करीब दो किलोमीटर तक पहुंच गई। हर कोई अपने हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और पूजा सामग्री लेकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन की प्रतीक्षा करता नजर आया।
पूरा मंदिर परिसर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के गगनभेदी जयघोष से गूंजता रहा। घंटियों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान मार्कंडेय महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा, व्यापार में सफलता तथा जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने की कामना की। सुबह से ही उमड़ने लगी थी श्रद्धालुओं की भीड़
पहली सोमवारी होने के कारण श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। सूर्योदय के साथ ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। कतार में लगे लोगों ने घंटों इंतजार के बाद भगवान शिव के दर्शन किए। श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कहीं भी कमी नहीं दिखी। मंदिर के बाहर प्रसाद, फूल-बेलपत्र और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी दिनभर अच्छी खासी चहल-पहल रही।
जिला प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास के मार्गों पर महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग कर कतार व्यवस्था बनाई गई, जिससे दर्शन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। पुलिसकर्मी लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने में जुटे रहे। प्रशासनिक अधिकारी भी समय-समय पर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
'हर साल सावन में आते हैं, यहां हर मुराद पूरी होती है'
श्रद्धालु विभा सिंह ने बताया कि मार्कंडेय महादेव मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा, "हम हर साल सावन के महीने में यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं। हमारी अटूट आस्था है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से अपनी मनोकामना लेकर आता है, भगवान शिव उसकी झोली जरूर भरते हैं। सावन में यहां दो किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की कतार लगती है। वर्ष 2026 की पहली सोमवारी पर भी मैं बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंची हूं।"
पहली बार पहुंचे श्रद्धालु भी हुए प्रभावित
पहली बार मार्कंडेय महादेव मंदिर पहुंचे सिद्धार्थ पाठक ने बताया, "मैंने इस मंदिर की महिमा और मान्यता के बारे में काफी सुना था। इसलिए पहली सोमवारी पर दर्शन करने आया हूं। यहां श्रद्धालुओं की दो किलोमीटर लंबी कतार देखकर मंदिर की लोकप्रियता और लोगों की आस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। मेरा विश्वास है कि बाबा के दर्शन से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यहां कुछ मिले या न मिले, लेकिन भगवान शिव के दर्शन से मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का लाभ जरूर मिलता है।"
'भोलेनाथ सभी भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं'
श्रद्धालु दीक्षा सिंह ने कहा, "मैं सावन की पहली सोमवारी पर बाबा भोलेनाथ का दर्शन करने मार्कंडेय महादेव मंदिर आई हूं। यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय है। मेरी यही प्रार्थना है कि भगवान शिव सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करें और सभी के जीवन में सुख-शांति बनी रहे।"
सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। विशेष रूप से सावन की सोमवारी पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन सच्चे मन से की गई आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का आगमन होता है।
पहली सोमवारी पर मार्कंडेय महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था आज भी अटूट है।
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Gaya Town CD Block, Gaya | Aug 4, 2026