राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर गुजरात में गूंजा हिमाचल का स्वर
वन कर्मचारियों ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, अगले वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम हिमाचल में करवाने की उठाई मांग
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर गुजरात में हिमाचल के वन कर्मचारियों की सहभागिता
हिमाचल में कार्यक्रम की मेजबानी देने का उठाया मुद्दा
अरविन्द मंडयाल/देवभूमि लाइव टीवी।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर गांधीनगर, गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, वन वृत्त मंडी, हिमाचल प्रदेश की टीम ने सहभागिता की। देशभर के 18 राज्यों से वन कर्मचारी एवं प्रतिनिधि इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान गुजरात सरकार के वन मंत्री अर्जुन भाई मोडवाडिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख डॉ. जयपाल सिंह सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
वन वृत्त मंडी की ओर से वन वृत्त अध्यक्ष छोटू यादव, महासचिव सुरेश कुमार, आईटी सेल प्रभारी प्रदीप कुमार, वन मंडल प्रधान करसोग अंकित मेहता, रेंज प्रधान उरला-जोगिंदर नगर रामकृष्ण तथा रेंज प्रधान सेरी-करसोग गिरिराज ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर वन वृत्त मंडी के अध्यक्ष छोटू यादव ने वन शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि वन एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वन शहीदों की शहादत सदैव स्मरणीय रहेगी। उनके आदर्श देशभर के वन कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान छोटू यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष आगामी वर्ष होने वाले राष्ट्रीय वन शहीद दिवस कार्यक्रम की मेजबानी हिमाचल प्रदेश को प्रदान करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल को इसकी मेजबानी मिलती है तो प्रदेश की धरती पर देशभर से वन कर्मचारी एवं प्रतिनिधि एकत्रित होकर वन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे और उनके योगदान एवं बलिदान को व्यापक स्तर पर याद किया जा सकेगा।
वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, वन वृत्त मंडी की टीम ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की सहभागिता दर्ज करवाते हुए वन शहीदों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।