पितृपक्ष मेले में टेक्नोलॉजी, बच्चों के हाथ में होगा बारकोडेड स्ट्रैप, बिछड़ते ही परिजनों के मोबाइल पर पहुंचेगा अलर्ट, छह व्हीलचेयर मिलने से दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, जिलाधिकारी ने ट्रस्ट के प्रयासों को सराहा
गया। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ के बीच बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने की समस्या से निपटने के लिए उनके हाथों में बारकोडेड स्ट्रैप लगाया जाएगा। यह स्ट्रैप बच्चे के परिजन के मोबाइल नंबर से लिंक रहेगा। बच्चा भीड़ में अपने परिजनों से अलग होते ही सिस्टम के माध्यम से मोबाइल पर अलर्ट पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शनिवार को यह महत्वपूर्ण जानकारी व्हीलचेयर योगदान समारोह में दी।
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शनिवार को गया शहर के विष्णुपद रोड स्थित अशोक अतिथि निवास में आयोजित डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एवं वेलफेयर ट्रस्ट, गया जी के द्वितीय स्थापना दिवस सह छह व्हीलचेयर योगदान समारोह को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि पिछले वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। बच्चों को खोजने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार तकनीक की मदद से ऐसी घटनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के हाथ में लगाए जाने वाले बारकोडेड स्ट्रैप को उनके परिजनों के मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा। बच्चा निर्धारित दूरी से अलग होने पर परिजनों के मोबाइल पर मैसेज या अलर्ट पहुंच सकेगा, जिससे तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि पितृपक्ष मेले की तैयारियों में इस बार टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नया इंटरैक्टिव वेबसाइट भी तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से मेले से संबंधित आवश्यक जानकारियां श्रद्धालुओं तक आसानी से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
छह व्हीलचेयर से दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एवं वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से जिला प्रशासन को छह व्हीलचेयर प्रदान किए गए। इनका इस्तेमाल पितृपक्ष मेले में आने वाले दिव्यांग एवं बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने संस्था के इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालु आते हैं। व्हीलचेयर की मदद से उन्हें मंदिर तक पहुंचाने और दर्शन के बाद वापस लाने में जिला प्रशासन को काफी सुविधा होगी। उन्होंने व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के लिए संस्था को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से इससे पहले गया रेलवे जंक्शन पर भी दिव्यांगों की सुविधा के लिए सहयोग दिया गया है।
सफाई से लेकर रोशनी तक, तैयारी तेज
जिलाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेले में साफ-सफाई पर विशेष फोकस रहेगा। मेले के अलग-अलग क्षेत्रों को जोन में बांटकर सफाई की व्यवस्था की जा रही है। गया नगर निगम के सहयोग से सजावट और प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन की ओर से मेले की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मेधावी गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति
ट्रस्ट के सदस्य कुमार गौरव सिन्हा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद और मेधावी बच्चों को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई में परेशानी झेल रहे प्रतिभावान बच्चों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति दी जाती है। जरूरत के अनुसार अच्छे संस्थानों में दाखिला दिलाने में भी संस्था सहयोग करती है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी चयनित बच्चों को छात्रवृत्ति दी गई थी और इस वर्ष भी जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। ट्रस्ट आने वाले दिनों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी करेगा।