तीन नए आपराधिक कानूनों और ICJS के क्रियान्वयन पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में गृह विभाग के प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ तीन नए आपराधिक कानूनों तथा इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कानून-व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
न्याय प्रणाली को तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नई आपराधिक न्याय व्यवस्था के तहत सभी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जनहितकारी बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े और मामलों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से हो।
नागरिक सेवा पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
समीक्षा के दौरान नागरिक सेवा पोर्टल को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि आम लोगों को पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी जाए, ताकि नागरिक घर बैठे विभिन्न पुलिस एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उठा सकें।
स्पीडी ट्रायल के जरिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की पहल
बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्पीडी ट्रायल की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि आपराधिक मामलों का त्वरित निष्पादन हो सके और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल
ICJS के प्रभावी संचालन के लिए विभिन्न विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। कहा गया कि पुलिस, न्यायालय, जेल, अभियोजन और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज होगी।
उद्योग और व्यापार जगत की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों, व्यवसायियों तथा प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक करें। इन बैठकों के माध्यम से उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आवश्यकताओं को समझते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निवेश और विकास के अनुकूल वातावरण बनाने की कोशिश
अधिकारियों से कहा गया कि उद्योग एवं व्यापार जगत को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। व्यवसायियों और निवेशकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि राज्य में निवेश को बढ़ावा मिले और आर्थिक गतिविधियां और अधिक मजबूत हों।
सुशासन और आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में कदम
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था और डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग से बिहार में सुशासन को और मजबूत किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी न्याय एवं पुलिस व्यवस्था विकसित करना है जो तेज, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के प्रति संवेदनशील हो।
Chapra, Saran | Jun 3, 2026